MP NEWS24 । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सोमवार को जयस द्वारां ग्राम भीमपुरा में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम नावटिया के सरपंच राधेश्याम निनामा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विशेष अतिथि पूर्व शिक्षक अनारसिंह (लामगरी), रमेश निनामा (हीरूखेड़ी) तथा अतिथि नंदरामजी सोलंकी (ठाकुर), जगदीश खेर, दिलीपजी (झाबुआ) उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ शबरी के चित्र पर अतिथियो द्वारा माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत जयस नागदा के अध्यक्ष विक्रम चौहान (भीमपुरा) ने किया। मुख्य अतिथि श्री निनामा ने उद्बोधन में कहा कि आज पुरी पृथ्वी पर आदिवासी दिवस एक बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि भारत देश को अंग्रेजो से आजादी दिलाने के लिये अनेको आदिवासी योद्धाओं ने अपने प्राणो की आहूति दी है।विशेष अतिथि श्री सोलंकी ने ऋषि वाल्मिकीजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रामजी के जन्म से पूर्व वाल्मिकी द्वारा रामायण लिख दी गई थी। पूर्व शिक्षक श्री लामगरी ने समाज के युवाओं को शराब के सेवन नहीं करने का संकल्प दिलाया गया साथ ही एकजूट होकर समाज को आगे बढ़ाने का आव्हान किया।
जयस के अध्यक्ष विक्रम चौहान ने बताया कि महाराणा प्रताप द्वारा जो लड़ाई लड़ी गई उनके साथ लड़ाई में शामिल आदिवासी योद्धा राणा पूंजा ने भी कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते हुए महाराणा प्रताप को युद्ध में विजयश्री दिलावाई जिस उपलक्ष्य में महाराणा प्रताप की माताजी ने राणा पूंजा को अपने बेटे का ओहदा देकर विजय स्तंभ पर एक तरफ महाराणा प्रताप की आकृति एवं दुसरी तरफ राणा पूंजा की आकृति अंकित की गई जो आज भी स्थित है। कार्यक्रम मे ज.य.स. के मीडिया प्रभारी सुभांशु चौहान की अहम भूमिका रही।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व पार्षद एवं जयस नागदा के प्रशासन अध्यक्ष प्रमोदसिंह चौहान ने किया एवं आभार खाचरौद अध्यक्ष गोविन्द दायमा ने माना। इस अवसर पर नरसिंह खोकरिया, मोहनलाल चौहान, शंकरलाल तायड, गोरधनलाल चौहान, गोपाल दायना, मुंशीलाल चौहान, नंदुलाल चौहान, लक्ष्मण चौहान, कमल चौहान, बाबुलाल तायड, जीवन चौहान, शंभुलाल तायड, रमेश चौरडिया, राकेश तायड, राहुल खोखरिया, मुकेश सोलंकी, भुवन सोलंकी, मुकेश परमार, दिनेश रेलोत, अर्जुन नरेड़ीपाता, लक्ष्मीनारायण चौहान, मुकेश चौहान भीमपुरा, संजय बामनखेड़ी, घनश्याम रैलोत पाडसुतिया, दिनेश खोकरिया बामनखेडी, मदन भगतपुरी, हरीश बामनखेडी, महेश सोलंकी पचलासी, जितेन्द्र रैलोत पचलासी, विकास दायना पचलासी, जितेन्द्र बामनखेडी, जिवन बामनखेडी, बगदीराम तारोद, लखन रैलोत नरेडीपाता, मुकेश तातरवा, विशाल चौहान, सुरेश, लखन मोकडी, दीपक चौहान आदि महिलाएं उपस्थित थे।

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