MP NEWS 24 संपत्ति विक्रय अनुबंध को फाडते हुए फरियादी को अमूल्य क्षति पहुॅंचाने के एक मामले में विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती वन्दना राज पाण्डेय ने दो लोगों को पॉंच वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
प्रकरण के संबंध में जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक केशव रघंवशी ने बताया कि विद्वान न्यायाधीश द्वारा बुधवार को पारित निर्णय में अभियुक्तगण के विरूद्ध 27 जून 2008 को दयानंद कॉलोनी नागदा स्थित अपने घर पर फरियादी कन्हैयादास को नुकसान या क्षति करने के आशय से विक्रय अनुबंध पत्र 16 जनवरी 2008 का जो कि मूल्यवान प्रतिभूति थी को कपटपूर्वक या फरियादी से लेकर फाडकर रिष्टी कारित करने के लिये भादसं की धारा 477 का आरोप विरचित किया गया है। प्रकरण में कन्हैयादास पिता नारायणदास बैरागी निवासी पटेलगली नागदा परिवादी हैं तथा भगवतीदास पिता परमेश्वरदास एवं कमल पिता भगवतीदास निवासी दयानंद कॉलोनी नागदा अभियुक्त थे।अपर लोक अभियोजक ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नागदा विक्रमसिंह बुलेजी के न्यायालय के दांडिक प्रकरण क्रमांक 890/08 कन्हैयादास विरूद्ध भगवतीदास तथा अन्य में पारित उपार्पण आदेश 3 अक्टूबर 2012से उद्भूत सत्र प्रकरण है। निर्णय में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि भादसं की धारा 477 में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है ऐसी स्थिति में परिवीक्षा अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होते हैं। अतः दप्रसं की धारा 235 (2) के तहत दण्ड के प्रश्न पर सुने जाने के लिये निर्णय लेखन स्थगित जाता है। अभियुक्तों पर 25-25 हजार का अर्थदण्ड भी लगाया गया है तथा राशि नहीं भरने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की बात कही गई है।

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