नागदा - विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा जल्दबाजी में किया गया परीक्षा परिणाम घोषित, कई विद्यार्थी हुए प्रभावित



Nagda(mpnews24)।  शासकीय महाविद्यालय के पूर्व जनभागीदारी अध्यक्ष नरेंद्र गुर्जर ने बताया कि विक्रम विश्व विद्यालय द्वारा बी.कॉम, बी.ए, बी.एस.सी. फाइनल ईयर का रिजल्ट घोषित किया गया है उसमें विद्यार्थीयों के भविष्य के साथ खिलवाड किया गया है तथा कई विद्यार्थीयों को या तो नम्बर ही नहीं दिए गए या फिर अनुपस्थित दिखा दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थीयों का भविष्य खराब हो सकता है।

गुर्जर ने बताया कि कोरोना काल के कारण ओपन बुक परीक्षाएं संचालित की गई थी, जिसमें अनुत्तीर्ण या अनुपस्थित होने की संभावना ही नहीं थी। लेकिन जब इन कक्षाओं का परीक्षा परिणाम आया तो यह देखने में आया है कि 30 प्रतिशत विद्यार्थियों को या तो रिजल्ट में अनुपस्थित कर दिया गया है या उनकी परीक्षा कॉपी के नंबर ही नहीं चढ़े हैं। ऐसा इसलिए हुआ है कि विश्व विद्यालय को 31 तारीख के पहले परीक्षा परिणाम घोषित करने थे, जिसके चलते आनन-फानन में उन्होंने अधूरा रिजल्ट ही घोषित कर दिया जिसका खामियाजा विद्यार्थीयों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को उज्जैन यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाना पड रहे हैं।

गुर्जर ने कहा कि इन सब समस्याओं को लेकर उनके द्वारा महाविद्यालय के प्राचार्य से चर्चा की गई और निर्णय लिया गया है कि जिस भी विद्यार्थियों के रिजल्ट में त्रुटी पाई गई है उन सब विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम की कॉपी दो दिवस तक कॉलेज में जमा की जाएगी उसके बाद कालेज द्वारा विश्व विद्यालय भेजकर उनके रिजल्ट को सही कराया जाएगा। प्राचार्य द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि जिस भी विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में त्रुटी है वह उसकी छायाप्रति कॉलेज में दो दिन के अन्दर जमा करवाएं जिससे कि उसमें संशोधन करवाया जा सके।

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अभाविप करती है सिर्फ नोटंकी और दिखावा

पूर्व जनभागीदारी अध्यक्ष गुर्जर ने बताया कि विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के सहयोग से कॉलेज में कई सालों बाद काफी मेहनत एवं 4 लाख की लागत से रंग-रोगन करवाया गय था। जब कॉलेज में पुताई हुई उसके बाद निर्णय लिया गया था कि कॉलेज परिसर में और कॉलेज की दीवारों पर किसी भी प्रकार के पोस्टर नहीं चिपकाए जाएंगे, जिससे कई सालों बाद हुआ कलर खराब ना हो लेकिन एबीवीपी द्वारा अपनी वाह-वाही के चक्कर में कॉलेज प्रबंधन पर दबाव बनाकर वैक्सीनेशन के दौरान क्लासरूम में पोस्टर चिपका दिया गया जिसका विरोध एनएसयूआई ने करा था क्योंकि पोस्टर चिपकाने से दीवार का कलर खराब  होना था। लेकिन एबीवीपी को कॉलेज परिसर को स्वच्छ रखने की चिंता नहीं थी उन्हें अपनी छवि चमकाने के लिए वैक्सीनेशन केम्प के दौरान दिवालों पर बैनर आदि लगा दिया तथा बाद में गंदगी करके चले गए तथा उन्हें पुनः रंग भी नहीं करवाया। 10 दिन बीत जाने के बाद भी दीवार वैसी ही है कोई सुध लेने नही आया। गुर्जर ने कहा कि अब एनएसयूआई इस दिवाल को पुनः रंग-रोगन अपने व्यय से करवाऐगी जिससे की कॉलेज परिसर स्वच्छ एवं सुंदर बना रहे।
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