MP NEWS4-महासति अनुपमशिलाजी ने धर्मसभा में कहा कि कल कभी नहीं आता, कल आने के पहले काल आ जाता है। यह संसार दुःखो से भरा है यह सभी को भोगना पड़ता है। चाहे वह गरीब हो या अमीर हो। हर व्यक्ति चाहता है कि उसका वर्तमान अच्छा रहे। उसे जीनवाणी का श्रवण करना चाहिये। महासति करूणाजी ने कहा कि हर मानव बोलना चाहता है सुनना कोई नहीं चाहता, सुनने से सीखना मिलता है।स्थानकवासी जैन समाज के मीडिया प्रभारी महेन्द्र कांठेड एवं नितिन बुडावनवाला ने बताया कि 9 नवम्बर को ज्ञान पंचमी के शुभ अवसर पर महावीर भवन में प्रातः श्रीमती नीलम बुडावनवाला की स्मृति ममें सामुहिक सहजोड़े जाप का आयोजन प्रकाशचन्द्र बुडावनवाला परिवार की ओर से रखा गया है। अतिथि सत्कार का लाभ जो कि निर्मलजी भंवरलालजी दलाल द्वारा लिया जा रहा था वह अब पूर्ण होकर आज से पंकज कुमार राजमलजी मारू द्वारा प्रारम्भ होगा।
महासति मण्डल के चरण वंदन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु गुरूभक्तो का आवागमन निरंतर चल रहा है। श्रीसंघ अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र जैन सांवेरवाला एवं चातुर्मास अध्यक्ष सुनील वौरा ने अधिकतम धर्मलाभ की अपील की।
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