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MP NEWS24- रमजान का आखिरी अशरा चूंकि दोजख (नर्क) से निजात (मुक्ति) का है, इसलिए जेहन में यह सवाल उठना बहुत कुदरती बात है कि जहन्नुम (नर्क) की आग से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएं?

इसका जवाब है सच्चे दिल और पाक जज्बे के साथ अल्लाह की इबादत की जाए। लेकिन फिर यह सवाल है कि दिल सच्चा और जज्बा पाक कैसे होगा? इसका जवाब है कि जब अल्लाह तौफीक (प्रेरणा) देगा तो बंदे का दिल सच्चा होगा और जज्बा पाक होगा। यहां फिर सवाल उठता है कि अल्लाह दिल की सच्चाई और जज्बे की पाकीजगी की तौफीक (प्रेरणा) किसे देगा ?
हम आसान तरीके की तौफीक देंगे
इसका जवाब हमें कुरआने-पाक की सूरह लैल की पांचवीं-छठी और सातवीं आयत (अध्याय नंबर-5, 6, 7) में मिलता है। इन आयतों में अल्लाह का इरशाद (आदेश) है-तो जिसने (खुदा के रास्ते में माल) दिया और परहेजगारी की और नेक बात को सच जाना उसको हम आसान तरीके की तौफीक देंगे।
तौफीक देने वाला अल्लाह है
इन आयतों की रोशनी में जाहिर हो जाता है कि तौफीक देने वाला अल्लाह है और रोजादार के लिए जरूरी है कि अल्लाह की इस तौफीक को पाने के लिए वो जरूरतमंदों को जकात (दान) सदका (पवित्र कमाई की न्योछावर) और खैरात (भिक्षा-मुफ्त में अन्न-वस्त्र वितरण) दें।
इसके अलावा परहेजगारी (संयमित और पवित्र आचरण) और नेक बात (शुभ वाणी) को सच तस्लीम करे और जाने भी और माने भी। ऐसा परहेजगार और नेक रोजादार अल्लाह से तौफीक पाता है एतेकाफ में बैठने की।
अल्लाह फरियाद सुनता है और निजात देता है
जैसा कि पहले यानी गुजिश्ता बयान में कहा जा चुका है कि एतेकाफ (मस्जिद में इबादत के लिए गोशानशीं होना यानी किसी कोने में अल्लाह को याद करना) दोजख की आग से निजात के लिए अल्लाह से फरियाद है। अल्लाह फरियाद सुनता है और निजात (मुक्ति) देता है।

MP NEWS24-भगवान परशुराम जयन्ती मनाने हेतु एक आवश्यक बैठक का आयोजन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पर किया गया। समाज के पुरूषोत्तम सारस्वत ने बताया कि 3 मई अक्षय तृतीया (परशुराम जयन्ती) को सायं 5 बजे वाहन रैली कृष्णा जिनिंग परिसर से निकाली जावेगी। 6 मई शंकराचार्य जयन्ती  के अवसर पर सायं 4 बजे भगवान परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा निकाली जावेगी। जिसके लिये समितियों का गठन किया गया।

नगर व ग्रामीण क्षेत्रो में आमंत्रण कार्ड व पीले चावल वितरण का कार्य हेमन्त तिवारी, राजेश तिवारी, श्रीराम शर्मा, सुरेश उपाध्याय, संजय शर्मा, अग्निवेश पाण्डेय द्वारा किया जायेगा। वाहन रैली की जिम्मेदारी परशुराम सेना के सदस्य मनोहर पाराशर हेमन्त त्रिपाठी, मनीष व्यास, आलोक नागर, रोहित व्यास, अर्जुन पंडित, राहुल तिवारी को दी गई है। शोभायात्रा में महिलाओं के लिये केशरिया साड़ी ड्रेस कोड रखा गया है जिसके प्रचार की जिम्मेदारी महिला समिति के सदस्य सीमा सारस्वत, निर्मला रावल, अन्नपुर्णा शर्मा, लता शर्मा, सुकर्णा त्रिपाठी को दी गई है।
इस अवसर पर गुलजारीलाल त्रिवेदी, आनन्द दीक्षित, हनुमानप्रसाद शर्मा, महेश व्यास, घनश्याम दवे, चन्द्रशेखर दवे, राजकिशोर त्रिपाठी, निलेश मेहता उपस्थित थे। समाज में निर्णय लिया गया कि शोभायात्रा व वाहन रैली में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर होने वाले कार्यक्रम को सफल बनावे। यदि आमंत्रण कार्ड किसी को नहीं मिलता है तो भी सभी आयोजन में सादर आमंत्रित है। संचालन राकेश शर्मा ने किया एवं आभार पुरूषोत्तम पुरोहित ने माना।

MP NEWS24-समर्थन मुल्य पर खरीद गए गेहूॅं का एक माह होने जा रहा है परंतु उसका भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड रह है मांगलिक व अन्य सामाजिक कार्यों हेतू किसानों को साहुकारों से ब्याज से ऋण लेना पड रहा है किसानों को तत्काल भुगतान करने की मांग मुख्यमंत्री से विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने की है।

श्री गुर्जर ने लिखे पत्र में बताया कि नागदा-खाचरौद क्षेत्र के किसानों का हजारों किसानों ने गेहूॅं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थापित गेहूॅं उपार्जन केन्द्रों पर खरीदा जा चुका है और खरीदी चालु है लेकिन शासन को सात दिवस में गेहूॅं  क्रय भुगतान करने का वादा किया था परंतु अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है जिसके कारण किसानों के समक्ष के.सी.सी. ऋण अदायगी का मसल सुरसा की तरह मुंह फाडे खडा है।
श्री गुर्जर ने पत्र में यह भी लिखा है कि किसानों ने बैंक से के.सी.सी. ऋण लिया था उसकी वापसी की तारीख 28 मार्च 2022 थी लेकिन सरकार ने इसे बढाकर 15 अप्रैल कर दिया था यह तारीख भी निकल गई है लेकिन भुगतान आज तक नहीं हुआ है किसानों ने अपना गेहूॅं समर्थन मुल्य पर बेंच दिया लेकिन बैंकों के लिए ऋण अदायगी भुगतान के अभाव में कैसे करें। 28 मार्च से खरीदी प्रारंभ हुई है गेहूॅं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों ने अपने गेहूॅं बेच दिए है लेकिन गेहूॅं का भुगतान 7 दिवस में होने का था वहां आज तक नहीं हुआ तो किसान बैंकों से लिया गया ऋण कैसे और कहां से जमा कराए भुगतान नहीं होने से ऋण अदायगी की चिंता किसानों के सामने एक गंभीर चुनौती बन गई है।
श्री गुर्जर ने पत्र में मुख्यमंत्री जी का इस गंभीर समस्या की और ध्यान दिलाते हुए किसान हित में अनुरोध किया है कि शासन के सात दिवस में गेहूॅं भुगतान करने के निर्देश थे जिसका पालन नहीं हुआ है और ऋण जमा कराने की तारीख 15 अप्रैल निकल गई है अब किसान कहां से शुन्य प्रतिशत के ब्याज की ऋण की राशि भुगतान के अभाव में कैसे व कहां से जमा कराएगें यह एक गंभीर चिंता का विषय हो गया है यदि किसानों को गेहूॅं  की राशि का भुगतान करने में विलंब हो रहा है तो शासन शुन्य प्रतिशत ब्याज की अदायगी की तारीख 10 मई की जाए तो किसानहित में न्यायोचित होगा यदि शासन ने ऋण अदायगी की तारीख नहीं बढाई तो अन्नदाताओं को 14 प्रतिशत दण्ड ब्याज से बैंकों को ऋण जमा कराना पडेगा जो किसानों पर बहुत अधिक भार पडेगा। किसान पूर्व से ही अधिक बोझ के तले दबा हुआ है और ऋणी हो जाएगा। गेहूॅं की राशि का तत्काल भुगतान करने के सख्त आदेश के साथ ऋण अदायगी की तारीख 10 मई करने के आदेश के साथ ही किसानों को गेहूॅं का भुगतान तत्काल कराने के निर्देश प्रदान करें अन्यथा कांग्रेस 1 मई से किसान हित में चरणबद्ध आंदोलन करेगी।

MP NEWS24-रमजान का आखिरी अशरा चूंकि दोजख (नर्क) से निजात (मुक्ति) का है, इसलिए जेहन में यह सवाल उठना बहुत कुदरती बात है कि जहन्नुम (नर्क) की आग से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएं?

इसका जवाब है सच्चे दिल और पाक जज्बे के साथ अल्लाह की इबादत की जाए। लेकिन फिर यह सवाल है कि दिल सच्चा और जज्बा पाक कैसे होगा? इसका जवाब है कि जब अल्लाह तौफीक (प्रेरणा) देगा तो बंदे का दिल सच्चा होगा और जज्बा पाक होगा। यहां फिर सवाल उठता है कि अल्लाह दिल की सच्चाई और जज्बे की पाकीजगी की तौफीक (प्रेरणा) किसे देगा ?
हम आसान तरीके की तौफीक देंगे
इसका जवाब हमें कुरआने-पाक की सूरह लैल की पांचवीं-छठी और सातवीं आयत (अध्याय नंबर-5, 6, 7) में मिलता है। इन आयतों में अल्लाह का इरशाद (आदेश) है-तो जिसने (खुदा के रास्ते में माल) दिया और परहेजगारी की और नेक बात को सच जाना उसको हम आसान तरीके की तौफीक देंगे।
तौफीक देने वाला अल्लाह है
इन आयतों की रोशनी में जाहिर हो जाता है कि तौफीक देने वाला अल्लाह है और रोजादार के लिए जरूरी है कि अल्लाह की इस तौफीक को पाने के लिए वो जरूरतमंदों को जकात (दान) सदका (पवित्र कमाई की न्योछावर) और खैरात (भिक्षा-मुफ्त में अन्न-वस्त्र वितरण) दें।
इसके अलावा परहेजगारी (संयमित और पवित्र आचरण) और नेक बात (शुभ वाणी) को सच तस्लीम करे और जाने भी और माने भी। ऐसा परहेजगार और नेक रोजादार अल्लाह से तौफीक पाता है एतेकाफ में बैठने की।
अल्लाह फरियाद सुनता है और निजात देता है
जैसा कि पहले यानी गुजिश्ता बयान में कहा जा चुका है कि एतेकाफ (मस्जिद में इबादत के लिए गोशानशीं होना यानी किसी कोने में अल्लाह को याद करना) दोजख की आग से निजात के लिए अल्लाह से फरियाद है। अल्लाह फरियाद सुनता है और निजात (मुक्ति) देता है।

MP NEWS24- भगवान परशुराम जयन्ती मनाने हेतु एक आवश्यक बैठक का आयोजन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पर किया गया। समाज के पुरूषोत्तम सारस्वत ने बताया कि 3 मई अक्षय तृतीया (परशुराम जयन्ती) को सायं 5 बजे वाहन रैली कृष्णा जिनिंग परिसर से निकाली जावेगी। 6 मई शंकराचार्य जयन्ती  के अवसर पर सायं 4 बजे भगवान परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा निकाली जावेगी। जिसके लिये समितियों का गठन किया गया।

नगर व ग्रामीण क्षेत्रो में आमंत्रण कार्ड व पीले चावल वितरण का कार्य हेमन्त तिवारी, राजेश तिवारी, श्रीराम शर्मा, सुरेश उपाध्याय, संजय शर्मा, अग्निवेश पाण्डेय द्वारा किया जायेगा। वाहन रैली की जिम्मेदारी परशुराम सेना के सदस्य मनोहर पाराशर हेमन्त त्रिपाठी, मनीष व्यास, आलोक नागर, रोहित व्यास, अर्जुन पंडित, राहुल तिवारी को दी गई है। शोभायात्रा में महिलाओं के लिये केशरिया साड़ी ड्रेस कोड रखा गया है जिसके प्रचार की जिम्मेदारी महिला समिति के सदस्य सीमा सारस्वत, निर्मला रावल, अन्नपुर्णा शर्मा, लता शर्मा, सुकर्णा त्रिपाठी को दी गई है।
इस अवसर पर गुलजारीलाल त्रिवेदी, आनन्द दीक्षित, हनुमानप्रसाद शर्मा, महेश व्यास, घनश्याम दवे, चन्द्रशेखर दवे, राजकिशोर त्रिपाठी, निलेश मेहता उपस्थित थे। समाज में निर्णय लिया गया कि शोभायात्रा व वाहन रैली में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर होने वाले कार्यक्रम को सफल बनावे। यदि आमंत्रण कार्ड किसी को नहीं मिलता है तो भी सभी आयोजन में सादर आमंत्रित है। संचालन राकेश शर्मा ने किया एवं आभार पुरूषोत्तम पुरोहित ने माना।

MP NEWS24-समर्थन मुल्य पर खरीद गए गेहूॅं का एक माह होने जा रहा है परंतु उसका भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड रह है मांगलिक व अन्य सामाजिक कार्यों हेतू किसानों को साहुकारों से ब्याज से ऋण लेना पड रहा है किसानों को तत्काल भुगतान करने की मांग मुख्यमंत्री से विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने की है।

श्री गुर्जर ने लिखे पत्र में बताया कि नागदा-खाचरौद क्षेत्र के किसानों का हजारों किसानों ने गेहूॅं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थापित गेहूॅं उपार्जन केन्द्रों पर खरीदा जा चुका है और खरीदी चालु है लेकिन शासन को सात दिवस में गेहूॅं  क्रय भुगतान करने का वादा किया था परंतु अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है जिसके कारण किसानों के समक्ष के.सी.सी. ऋण अदायगी का मसल सुरसा की तरह मुंह फाडे खडा है।
श्री गुर्जर ने पत्र में यह भी लिखा है कि किसानों ने बैंक से के.सी.सी. ऋण लिया था उसकी वापसी की तारीख 28 मार्च 2022 थी लेकिन सरकार ने इसे बढाकर 15 अप्रैल कर दिया था यह तारीख भी निकल गई है लेकिन भुगतान आज तक नहीं हुआ है किसानों ने अपना गेहूॅं समर्थन मुल्य पर बेंच दिया लेकिन बैंकों के लिए ऋण अदायगी भुगतान के अभाव में कैसे करें। 28 मार्च से खरीदी प्रारंभ हुई है गेहूॅं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों ने अपने गेहूॅं बेच दिए है लेकिन गेहूॅं का भुगतान 7 दिवस में होने का था वहां आज तक नहीं हुआ तो किसान बैंकों से लिया गया ऋण कैसे और कहां से जमा कराए भुगतान नहीं होने से ऋण अदायगी की चिंता किसानों के सामने एक गंभीर चुनौती बन गई है।
श्री गुर्जर ने पत्र में मुख्यमंत्री जी का इस गंभीर समस्या की और ध्यान दिलाते हुए किसान हित में अनुरोध किया है कि शासन के सात दिवस में गेहूॅं भुगतान करने के निर्देश थे जिसका पालन नहीं हुआ है और ऋण जमा कराने की तारीख 15 अप्रैल निकल गई है अब किसान कहां से शुन्य प्रतिशत के ब्याज की ऋण की राशि भुगतान के अभाव में कैसे व कहां से जमा कराएगें यह एक गंभीर चिंता का विषय हो गया है यदि किसानों को गेहूॅं  की राशि का भुगतान करने में विलंब हो रहा है तो शासन शुन्य प्रतिशत ब्याज की अदायगी की तारीख 10 मई की जाए तो किसानहित में न्यायोचित होगा यदि शासन ने ऋण अदायगी की तारीख नहीं बढाई तो अन्नदाताओं को 14 प्रतिशत दण्ड ब्याज से बैंकों को ऋण जमा कराना पडेगा जो किसानों पर बहुत अधिक भार पडेगा। किसान पूर्व से ही अधिक बोझ के तले दबा हुआ है और ऋणी हो जाएगा। गेहूॅं की राशि का तत्काल भुगतान करने के सख्त आदेश के साथ ऋण अदायगी की तारीख 10 मई करने के आदेश के साथ ही किसानों को गेहूॅं का भुगतान तत्काल कराने के निर्देश प्रदान करें अन्यथा कांग्रेस 1 मई से किसान हित में चरणबद्ध आंदोलन करेगी।

MP NEWS24-औद्योगिक शहर नागदा में 4 बड़े और 12 से अधिक छोटे उद्योग स्थापित है। इन उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के साथ ही शिक्षक और प्रायवेट संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी राज्य बीमा निगम में प्रतिमाह अपना अंशदान देते हैं, ताकी इन्हें और इनके परिवार को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

अंशदान देने के बाद भी श्रमिक परिवारों का स्वास्थ्य लाभ रामभरोसे है। कारण राज्य बीमा निगम के मंडी और बिरलाग्राम दोनों औषधालय में मात्र 1-1 डॉक्टर और बड़े बीमा अस्पताल में मात्र 3 डॉक्टर ही मौजूद है। ऐसे में इमरजेंसी के दौरान श्रमिक परिवारों को उपचार के लिए उज्जैन, इंदौर, देवास या अन्यत्र रैफर किया जाता है। जानना जरूरी है कि शहर के उद्योगों में ही 18 हजार श्रमिक है। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों को मिलाए जाए तो यह आंकड़ा 25 हजार के पार पहुंच जाता है।
बंद हो चुकी सुविधाओं को दोबारा शुरू करवाया जाए
भारतीय मजदूर संघ से संबंधित ठेकेदार श्रमिक संघ के महामंत्री राजकुमार सिसौदिया ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कर्मचारी राज्य बीमा निगम के संचालक इंदौर को पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में एक्स-रे मशीन का संचालन कराया जाए और कोरोना काल के दौरान बंद हो चुकी सुविधाओं को दोबारा शुरू करवाया जाए। पत्र की एक कॉपी ईएसआई बोर्ड सदस्य सुल्तानसिंह शेखावत को भी सौंपी गई है।

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