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Nagda(mpnews24)।   गायत्री शक्तिपीठ नागदा पर सोमवार को पंच कुंडी गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ। नवरात्रि पर नौ दिनों की साधना के बाद गायत्री महामंत्र का जाप सभी गायत्री साधक द्वारा गायत्री शक्तिपीठ पर किया गया। नवरात्रि के दौरान 11 लाख गायत्री महामंत्र का जाप हुआ जो प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से सूर्यास्त तक चल रहा था। जाप सभी गायत्री साधक अपने-अपने समय पर गायत्री शक्तिपीठ पर आते थे। दशहरे के दिन सभी साधकों ने नवरात्रि अनुष्ठान की पूर्णाहुति की जिसमें 200 भाई बहन एवं कुंवारी कन्याओं ने नवरात्रि अनुष्ठान की पूर्णाहुति की। शक्तिपीठ पर कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया। कई परिजनों ने कन्या पूजन किया और पूजन के बाद सभी परिजनों को प्रसाद वितरण किया गया। आए हुए सभी परिजनों एवं गायत्री साधक जो कि 9 दिन की साधना गायत्री शक्तिपीठ पर की कई। साधक तो ऐसे आते थे जैसे कि नौकरी करने जाते 5 मिनट पहले गायत्री शक्तिपीठ अपने समय से 5 मिनट पहले शक्तिपीठ पहुंच जाते थे ऐसे साधकों को शक्तिपीठ की तरफ से कोटि-कोटि नमन किया गया और जिन साधकों ने गायत्री शक्तिपीठ पर अपना अनुष्ठान किया और समय दिया शक्तिपीठ ने उन सभी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया तथा सभी के मंगलमय जीवन सुख शांति समृद्धि भौतिक अध्यात्मिक उन्नति की कामना की गई।



Nagda(mpnews24)।   शक्ति की भक्ति के पर्व नवरात्रि महोत्सव के समापन के उपरांत सार्वजनिक स्थानों, गली मोहल्लों में पाण्डाल सजा का विराजित माता प्रतिमाओं का विसर्जन चंबल नदी तट पर सोमवार को हर्षोउल्लास के साथ किया गया। माॅं दुर्गा की प्रतिमाओं के चंबल में विसर्जन को लेकर कोरोना महामारी के मद्देनजर स्थानिय प्रशासन ने गाईड लाईन तैयार की थी उसी के अनुरूप आयोजन समितियों एवं मंदिर प्रमुखों ने छोटे जुलुस की शक्ल में प्रतिमाओं को नदी तट पर ले जाकर प्रशासन के सहयोग से उनका विसर्जन किया। चंबल तट पर पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारियों के नेतृत्व में दोनों विभागों के कर्मचारियों का जमावडा देखने को मिला, उन्हीं के द्वारा बेहद व्यवस्थित तरीके से यहाॅं लाई गई माॅं दुर्गा की प्रतिमाओं की पूजा अर्चना करने के उपरांत नदी के जल में उन्हें प्रवाहित किया गया।


रविवार को दशहरा पर्व होने के कारण माता प्रतिमाओं का विसर्जन एक दिन विलम्ब से यहाॅं किया गया। वैसे पारम्परिक रूप से भी प्रतिवर्ष दशहरा बीतने के बाद ही यहाॅं विसर्जन के कार्यक्रम होते आए हैं। पाण्डालों में सुबह हवन एवं पूजा अर्चना के पश्चात एक-एक कर विसर्जन जुलुस निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप निकलना आरंभ हुए यह क्रम देर शाम तक चला। इस दौरान पुरे समय चंबल नदी तट पर प्रशासन एवं पुलिस के अफसर, कर्मचारी भी डटे रहे। कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए नागरिकों एवं नवदुर्गा महोत्सव आयोजन समितियों के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं को जो हिदायतें दी गई थी उनका पालन उनसे गंभीरता से करवाया गया।
यह अधिकारी थे उपस्थित
विसर्जन के दौरान चंबल तट पर अनुविभागीय अधिकारी आशुतोष गोस्वामी, सीएसपी मनोज रत्नाकर, मण्डी थाना प्रभारी श्यामचन्द्र शर्मा, बिरलाग्राम थाना प्रभारी हेमन्तसिंह जादौन, तहसीलदार आरके गुहा, मुनपा अधिकारी अशफाक खान, नोडल अधिकारी बसंतसिंह रघुवंशी, नपा इंजीनियर जीएल गुप्ता, शाहीद मिर्जा, राकेश पंवार तथा नपा की टीम मौजुद रही। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम यहाॅं किए गए थे।



 Nagda(mpnews24)।   नागदा शहर के गांव पाडल्या में वर्ष 2001 में खाल के समीप बने कुएं के पानी में डूबने से जितेंद्र पिता अर्जुन सिंह बोडाना की मृत्यु हो गई थी तब से लेकर आज तक परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि नहीं मिल पाई। जिसके चलते वर्ष 2016 में परिजनों ने सहायता राशि के लिए कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई थी। लेकिन जहां से उन्हें निराशा मिली वर्ष 2019 में परिजनों ने आर्थिक सहायता मांग का एक पत्र डिप्टी कलेक्टर आरपी वर्मा साहब के समक्ष प्रस्तुत किया। डिप्टी कलेक्टर श्री वर्मा ने रुचि दिखाते हुए मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का विश्वास दिलाते हुए मुख्यमंत्री सहायता राशि हेतु पुलिस प्रकरण पीएम रिपोर्ट पटवारी रिपोर्ट तहसीलदार जांच प्रतिवेदन इत्यादि सभी दस्तावेज तैयार कर फाइल जिला कलेक्टर उज्जैन के समक्ष प्रस्तुत की गई। लगभग 1वर्ष का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी राशि नहीं मिलने के कारण परिजनों ने 30 जुलाई 2019 को सीएम हेल्पलाइन में राशि नहीं मिलने की शिकायत है 3 माह में सीएम हेल्पलाइन कार्यवाही के बाद जिला कलेक्टर उज्जैन ने अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार नागदा से इस मामले में जांच प्रतिवेदन मांगा। आर्थिक सहायता राशि के मामले में तहसीलदार सलोनी पटवा द्वारा परिजनों को संबंधित दस्तावेज सहित उपस्थित होकर चर्चा कर जांच प्रतिवेदन प्रकरण क्रमांक 125ब-121/2019-20 दर्ज कर रूपये दो लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर कलेक्टर को भेजा जा चूका है। चार लाख के स्थान पर मात्र दो लाख की स्वीकृति एसडीएम नागदा ने अपने अभिमत प्रतिवेदन में जिला कलेक्टर उज्जैन के समक्ष स्वीकृति प्रकरण प्रस्तुत किया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद परिजनों को एक बार पुनः सहायता राशि मिलने की आस बंधी है।



Nagda(mpnews24)।   विजयादशमी पर्व नगर में धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। रविवार शाम को पारम्परिक रूप से दशहरा उत्सव व रावण दहन कार्यक्रम स्थानिय दशहरा मैदान पर आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन द्वारा शहर के नागरिकों को दशहरा मैदान पहुॅंचने पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके चलते समिति पदाधिकारियों के द्वारा ही यहाॅं रावण दहन प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस वर्ष आयोजन का 49वां साल है। इसी तरह बिरलाग्राम स्थित ग्रेसिम खेल परिसर के मैदान पर नगर पालिका परिषद एवं राजस्थान नवयुवक मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में भी रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

गौरतलब है कि नगर में इस परम्परा की शुरूआत 48 वर्ष पूर्व नगर के वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरिकों के सहयोग से की थीं। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालेश्वर दयाल जायसवाल इस आयोजन के सूत्रधार थे। 71 फूट उंचे रावण के पुतले का निर्माण स्थानिय कलाकारों द्वारा किया गया था। शाम को दशहरा मैदान प्रांगण में विद्युत रोशनी एवं भव्य आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई रात 8 बजे भगवान श्रीराम व उनकी सेना दशहरा मैदान प्रतिक स्वरूप युद्ध आदि करते हुए अग्निबाण चला कर रावण दहन किया।

बिरलाग्राम खेल परिसर में भी हुआ रावण के पुतले का दहन
इसी प्रकार बिरलाग्राम स्थित ग्रेसिम खेल परिसर के मैदान पर भी रावण के विशाल एवं आकर्षक पुतले का निर्माण स्थानिय कलाकारों द्वारा किया गया था जिसका वध एवं दहन किया गया। राजस्थान नवयुवक मण्डल द्वारा इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। अब नगर पालिका के संयुक्त तत्वाधान में संस्था द्वारा इस कार्यक्र्रम का आयोजन किया जा रहा है। 





Nagda(mpnews24)।   अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने महाराजा मानसिह तोमर कोरोनो योद्घा सम्मान से शहर की बेटी हर्षिता तिरवार पिता जगतसिह तिरवार अभिभाषक का सम्मान कर स्मृति चिन्ह भेट किया। हर्षिता ने उज्जैन आर्डी-गार्डी अस्पताल में कोरोना पिडीत मरीजो का सुपर विजन कर उनके ईलाज मे महत्वपूर्ण भुमिका का निर्वहन किया।

हर्षिता ने बताया लगातार छःसे आठ घन्टे की ड्यूटी करना पडती थी, जिसमे कोरोनो बचाव की किट पहनने के बाद पानी तक नही पी पाते थे, क्योंकि ड्यूटी पुरी होने तक किट नही उतार सकते थे न ही मास्क हटा सकते थे। शहर की इस बिटिया के द्वारा अपने कर्तव्य को निभाते हुए जो शहर का नाम रोशन किया है। हर्षिता ने चिकित्सा क्षेत्र मे अपना भविष्य देख कर विद्यार्थियों के लिए आदर्श प्रस्तुत किया। सम्मान कार्यक्रम मे प्रदेश अध्यक्ष अ.भा.क्ष. महासभा हेमलता तोमर, युवा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्रसिह चैहान एडवोकेट, जगतसिह तिरवार एडवोकेट, डाॅं पवन शर्मा, डाॅं प्रमोद बाथम, डाॅं शंकर गुर्जर, रवि कुमावत, हर्ष तिरवार, लोकेन्द्रसिंह, शंकरसिह मीणा आदि उपस्थित थे।



Nagda(mpnews24)।   प्रकाश नगर शिव हनुमान दुर्गा साईं मंदिर प्रांगण पर नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव का समापन अखंड रामायण पाठ के साथ हुआ। महानवमी पर्व पर 6 जोड़ों के साथ हवन कर महा प्रसादी आरती के साथ नवरात्रि पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गायत्री परिवार के मदनलाल पांचाल द्वारा मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। मंदिर के कार्यकर्ता सीएल वर्मा ने बताया कि इस अवसर पर अखंड रामायण पाठ भी हुआ। उक्त अवसर पर पंडित राजेश शर्मा, नारायणसिंह बेस, सुरेश शर्मा, भंवरसिंह चैहान, कालीचरण शर्मा, शैलेंद्रसिंह भदोरिया, केएल  साहनी, गोविंदसिंह दरबार, शैलेश भाई, योगेश पोरवाल, श्रीराम, दिनेश सैनी आदि उपस्थित थे।



Nagda(mpnews24)।   अनुविभागीय अधिकारी आशुतोष गोस्वामी द्वारा अनुभाग स्तर पर अवैध काॅलोनी काट कर भूखण्डों का विक्रय करने वाले काॅलोनाईजरों पर लगाम कस दी है। एसडीएम द्वारा गठित दल द्वारा लगातार जांच कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है तथा तथ्यों को एकत्रित किया जा रहा है। शासन स्तर पर प्रारंभ हुई इस कार्रवाई से अवैध काॅलोनाईजरों में हडकम्प है। वहीं रेरा कानून की तलवार भी अब इन अवैध काॅलोनाईजरों पर लटक गई है। कानून के तहत 500 वर्गमीटर से अधिक कृषि भूमि पर छोटे-छोटे भूखण्डों अर्थात प्लाॅट काटने वालों को तीन वर्ष तक की जेल तक का प्रावधान है। ऐसे में अवैध काॅलोनाईजर अब बचाव के रास्ते ढूंढने में लग गए हैं।

क्या कहता है कानून
भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 में नाॅन डायर्वशन एवं रेरा पंजीयन के बिना अवैध काॅलोनी काटने वालों के विरूद्ध सख्त प्रावधान किए गए है। अधिनियम के चेप्टर 8 अपराध, शास्तियां और न्यायनिर्णयन के बिन्दु क्र. 59 (1) कहती है कि यदिक ोई संप्रवर्तक धारा 3 के उपबंधों का उल्लंघन करता है तो वह ऐसी किसी शास्ति के लिए जो प्राधिकरण द्वारा यथा अवधारित भू-संपदा परियोजना की अनुमानित लागत के दस प्रतिशत तक की हो सकेगी, दायी होगा। वहीं धारा (2) में इस बात का उल्लेख है कि यदि संप्रवर्तक उपधारा (1) के अधीन जारी किए गए आदेशों, विनिश्चयों या निर्देशों का अनुपालन नहीं करता है या धारा 3 के उपबंधों का उल्लंघन जारी रखता है तो वह कारावास से सिकी अवधि तीन वर्ष की हो सकेगी या जुर्मान से, जो भू-संपदा परियोना की अनुमानित लागत के दस प्रतिशत तक का हो सकेगा या दोनों से दंडनीय होगा।

एसडीएम ने दिए हैं जांच के आदेश, इन्हें बनाया दल का सदस्य
अनुविभागीय अधिकारी श्री गोस्वामी द्वारा कार्यालयीन आदेश क्र. /री-2/20/1628 दिनांक 21/10/2020 को आदेश जारी कर बगैर डायवर्शन भवन निर्माण एवं कृषि भूमि पर प्लाॅटों की बिक्री किये जाने के संबंध में नियमानुसार जांच कार्यवाही हेतु अधिकायिों, पटवारियों, कर्मचारियों का दल गठित किया है। गठित दल में एसडीएम द्वारा नागदा तहसील हेतु तहसीलदार आरके गुहा को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही दल में राजस्व निरीक्षक राकेश मिततल, रतनलाल डामोर, पटवारी अनिल शर्मा, किश्ज्ञनलाल परमार, सुनिल दत्त, अरविन्द नामदेव, अनिल परमार (चेनमैन), राधेश्याम (कोटवार) को भी शामिल किया गया है। आदेश में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि दल जांच कर सात दिवस के भीतर प्रभारी अधिकारी को रिर्पोट प्रस्तुत करेंगे एवं प्रभारी अधिकारी विस्तृत रिर्पोट तैयार कर अद्योहस्ताकर्ता को प्रेषित करेंगे। संबंधित हल्कों के पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों में जांच कर संबंधित दल को रिर्पोट प्रस्तुत करेंगे, इस कार्य को इस सप्ताह एक विशेष अभियान के रूप में सर्वोच्च प्राथमिकता देवें कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की बात भी कही गई है।

दी जा सकती है गोपनीय सूचना
एसडीएम द्वारा गठित दल में शामिल तहसीलदार एवं अन्य सदस्यों के मोबाईल नम्बर भी कार्यालय द्वारा सार्वजनिक किए गए है। जिसके चलते कोई भी जागरूक नागरिक अवैध काॅलोनी के संबंध में जानकारी दल प्रभारी तहसीलदार श्री गुहा को उनके मोबाईल नम्बर 9893021071 पर प्रदान कर सकता है।

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क्यों पडी अधिनियम बनाने की आवश्यकता

रेरा का मतलब है रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी। संसद ने यह कानून इसलिए पास किया ताकि रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आए और आशियाना खरीदने वालों को बिल्डरों के हाथों धोखाधड़ी से बचाया जा सके। संसद ने इस कानून को पास किया लेकिन इस कानून के तहत नियम बनाने का अधिकार राज्य सरकारों को है लेकिन केंद्र सरकार ने मॉडल नियम बनाए हैं ताकि राज्य उनके आधार पर अपने राज्य के लिए नियम बना सकें। अमूमन शहर में ऐसे कई लोग है जिन्हें वर्षो पूर्व प्रलोभन देकर कुछ लोगों ने कृषि भूमि पर प्लाॅट तक काट दिए थे लेकिन उन्हें रजिस्ट्री होने के बाद भी आज तक प्लाॅटों का पजेशन (कब्जा) तक नहीं मिल पाया। रेरा ऐसे खरीददरों के हितों की रक्षा करता है, ताकि इस प्रकार की धोखाधडी अब किसी से न हो पाऐ। लेकिन आज भी शहर में ऐसे कई अवैध काॅलोनाईजर है जो बिना रेरा में रजिस्टर्ड हुए ही सैकडों बीघा कृषि भूमि पर ही प्लाॅट, भूखण्ड काट कर विक्रय कर चुके हैं। ऐसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए ही इस कानून को बनाया गया है।

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