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Nagda(mpnews24)।   कमलनाथ सरकार द्वारा नागदा को जिला बनाने का विधिवत प्रस्ताव केबिनेट मिंटिग में प्रस्ताव कर स्वीकृति प्रदान की थी जिले के अस्तिव में आने में सिर्फ गजट नोटिफिकेशन होकर दावे-आपत्ति की आमंत्रित करने की प्रक्रिया बाकी रही थी। परंतु मुख्यमंत्री शिवराज चैहान द्वारा इस पर विचार करने की बात कहना क्षैत्र की जनता के साथ धोखा है।


विधायक गुर्जर ने कही मुख्यमंत्री से घोषणा पर अमल की बात
यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान द्वारा वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के पूर्व बीजेपी का विधायक बनने पर नागदा को जिला बनाने का वादा तथा 2018 विधानसभा चुनाव के पूर्व जनआर्शीवाद यात्रा के दौरान नागदा में आयोजित आमसभा में नागदा को जिला बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की घोषणा की थी और क्षैत्र की जनता की खुब वाहवाही लुटी थी। मुख्यमंत्री द्वारा बागली को जिला बनाने की घोषणा की गई है जबकि बागली एक छोटा सा कस्बा है। पूर्व विधायक शेखावत व सांसद द्वारा भी अपने चुनाव में नागदा की जनता से जिला बनाने का वादा किया था परंतु सब अपने किए गए वादे पर चुप है।


विधानसभा अध्यक्ष ने कराया था प्रस्ताव का परीक्षण
श्री गुर्जर ने कहा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नागदा को जिला बनाने के प्रस्ताव का परीक्षण कराये जाने के आदेश राजस्व मंत्री को दिए थे। सबसे पहले वर्ष 2008 में विधानसभा में याचिका के माध्यम से प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी।


तीन बार राजस्व मंत्री दे चुके हैं आश्वासन
राजस्व मंत्री द्वारा भी विधानसभा में मेरे ‘‘नागदा को जिला बनाने’’ के प्रश्न पर तीन बार विधानसभा में आश्वासन दिया था कि नागदा को जिला बनाने की प्रक्रिया का परीक्षण किया जायेगा तथा बाद में अंवैधानिक तरीके से अवर सचिव द्वारा प्रस्ताव को निरस्त करने की बात कही थी।


कमलनाथ सरकार ने 15 महिने में ही किया केबिनेट में प्रस्ताव स्वीकृत
परंतु लगातार प्रयास करने पर कमलनाथ सरकार द्वारा अपने 15 माह के कार्यकाल में ही कलेक्टर उज्जैन, रतलाम के प्रस्ताव को परीक्षण के उपरांत उचित पाये जाने पर प्रदेश की मंत्री परिषद् द्वारा सर्वसम्मति से नागदा सहित चांचोडा व भाजपा विधायक के क्षैत्र मैहर को जिला बनाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था।


भाजपा नेता स्पष्ट करें अपनी नीति
श्री गुर्जर ने आरोप लगाते हुए कहां है कि भाजपा नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि कमलनाथ सरकार द्वारा मंत्री परिषद् में नागदा को जिला बनाने के पारित प्रस्ताव पर गजट नोटिफिकेशन कर दावे आपत्ति आमंत्रित कर जिले को अस्तित्व में लाने की प्रक्रिया आगे बढायेगें या नहीं ? यह जनता को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह नागदा को जिला बनाना चाहते है या नहीं ? यदि बनाना चाहते है तो गजट नोटिफिकेशन करें।



Nagda(mpnews24)-   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगमन पर जिले और महापुरुषो कि प्रतिमा स्थापित करने के मुद्दो को ज्ञापन मे सम्मिलित करने पर सामाजिक कार्यकर्ता अभय चोपड़ा ने धन्यवाद दिया है ।
आगे यह भी बतलाया कि नागदा आगमन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का रवैया जिले के मुद्दे पर निराशाजनक रहा जिससे क्षेत्र कि जनता मे भारी आक्रोश व्याप्त है ।
पूर्व विधायक शेखावत द्वारा महापुरुषो कि प्रतिमा के सन्दर्भ मे अपनी गलती मानते हुए तीनो महापुरुषो क़ि प्रतिमा लगाने कि शासन से मांग कि । और किसी भी तरह कि कानूनी अड़चन नही होना स्वीकार कर जनता को वास्तविकता बताने पर धन्यवाद दिया । सामाजिक कार्यकर्ता अभय चोपड़ा ने बताया कि उक्त दोनो मांगो को लेकर भाजपा को शीघ्र निर्णयात्मक पहल करना चाहिये । जनता को भाजपा से अपेक्षा है कि उक्त दोनो मांगो का शीघ्रता शीघ्र निराकरण होना चाहिये ।




Nagda(mpnews24) -आज माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंहजी चौहान के नागदा प्रवास के दौरान विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में वर्ष 2018 के पूर्व स्वीकृत हुए कार्य जो कि अभी तक प्रारम्भ नहीं हुए है उन्हें शीघ्र प्रारम्भ करने हेतु एवं कई नवीन कार्य ऐसे है जिनकी मांग समय-समय पर की जाती रही है, उन्हें स्वीकृत करने हेतु मेरे द्वारा पत्र क्रमांक  क्यू/20 दि. 26/11/2020 दिया गया जिसमें क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे निम्नानुसार है-

(1) नागदा शहर को जिला बनाने की घोषणा आपके द्वारा वर्ष 2018 में जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान की गई थी जिला बनाने की कार्यवाही अभी तक प्रारम्भ नहीं हुई है। अतः कार्यवाही प्रारम्भ की जावे।
(2) नागदा नगर के प्रमुख चौराहो पर श्री महाराणा प्रताप जी, डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी एवं राजा जन्मेजय जी की प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति की सारी कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है किन्तु प्रतिमाएं आज तक स्थापित नहीं हुई है।
(3) शासकीय चिकित्सालय नागदा का भवन लागत 750 लाख रू. वर्ष 2018 में स्वीकृत हो चुका है कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है। जिसका कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जावे।
(4) वर्ष 2018 में नागदा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे करके भूखण्ड पट्टे बनाये गये थे जिन्हें अभी तक संबंधितो को वितरीत नहीं किया गया है। उन्हें शीघ्र वितरीत किया जावे।
(5) रतलाम फाटक नागदा समपार क्रं. 103 लागत 800 लाख रू. वर्ष 2018 में स्वीकृत हो चुका है कार्य अभी तक प्रारम्भ नहीं हुआ है। कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जावे।
(6) नागदा शहर के ग्रेसिम उद्योग के ठेकेदारी श्रमिको को लॉकडाउन के बाद से कार्य पर वापस नहीं रखा गया है उन्हें वापस कार्य पर रखा जावे।
(7) ग्राम पाड़सुतिया में बागेड़ी नदी पर बैराज डेम लागत 334.71 लाख स्वीकृत है। ग्राम बागेड़ी में बागेड़ी नदी पर स्टॉपडेम लागत 226.22 लाख एवं ग्राम बोरदिया में कुडेल नदी पर डेम निर्माण वर्ष 2018 में स्वीकृत है किन्तु तीनो डेम का कार्य अभी तक प्रारम्भ नहीं हुआ है। कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जावे।
(8) एडीपी योजना में स्वीकृत सड़क बड़ावदा - कलसी - नागदा - संदला - खरसौदकलला-दोतरू मार्ग के मध्य चंबल नदी मगदनी के पास पुल निर्माण स्वीकृत है किन्तु अभी तक कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है।
(9) खाचरौद शहर में सीतलामाता से धाकड़ धर्मशाला तक सड़क निर्माण लागत 18.04 लाख रू. कार्य स्वीकृत है किन्तु धनाभाव होने के कारण प्रारम्भ होना शेष है। इसका आवंटन जारी किया जावे।
(10) खाचरौद में सीमेन्ट कांक्रीट रोड़ वार्ड नं. 14  सागरमल मार्ग से नरसिंग मंदिर तक लागत 18.27 लाख रू. वर्क ऑर्डर जारी लेकिन कार्य प्रारम्भ होना बाकी है। इसका आवंटन जारी किया जावे।
(11) खाचरौद में सीमेन्ट कांक्रीट रोड़ वार्ड नं. 10 सीतलामाता मंदिर से हनुमान घाटी धाकड़ धर्मशाला तक लागत 23.29 लाख रू. टेण्डर हो चुके है वर्क ऑर्डर बाकी हैं। इसका आवंटन जारी किया जावे।
(12) खाचरौद में जलप्रदाय योजना के गेप्स की प्रतिपूर्ति हेतु डीपीआर राशि 498.77 लाख रू. की स्वीकृति की जाना बाकी है। उक्त कार्य स्वीकृत करने की कृपा करें।
(13) खाचरौद में खारी मीठी बावड़ी से धाकड़ धर्मशाला तक एक कि.मी. रोड़ स्वीकृत किया जावे।
(14) खाचरौद में आपकी घोषणा क्रं. 1507 खाचरौद प्रवास दिनांक 10/01/16 द्वारा शहर के आंतरिक मार्ग मरम्मत हेतु राशि की घोषणा की गई थी। इस बाबत् दो करोड़ रूपये की आवश्यकता होगी। राशि स्वीकृत करने की कृपा करें।
इस तरह पत्र के माध्यम से 14 प्रमुख मांगो को मुख्यमंत्रीजी के सम्मुख रखा एवं चर्चा की गई जिस पर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा गंभीरता से विचार कर शीघ्र हल करने हेतु आश्वासन दिया गया। इसके अलावा और भी समस्याओं के पत्र सौपे गये।

 


Nagda[mpnews24]-  अभिभावक कल्याण संघ नागदा ने आज मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नागदा आगमन पर अभिभावक कल्याण संघ नागदा ने स्कूलों में लग रही ट्यूशन फीस में रियायत दिए जाने बाबत ज्ञापन प्रेषित किया और ज्ञापन में यह बताएं मार्च से कोविड-19 के प्रकोप लगातार चल रही है ऐसी स्थिति में व्यापार व्यवसाय बंद होने के कारण लोगों को  कई तरीके से आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है वर्तमान में विद्यालय अभी भौतिक रूप से नहीं खुले हैं ऑनलाइन पढ़ाई शासन के निर्देशानुसार 40 मिनट से लेकर 2 घंटे तक चल रही है ऑनलाइन पढ़ाई भी शासन के निर्देशानुसार अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में चालू हुई थी विद्यालय द्वारा पूर्ण ट्यूशन फीस की मांग की जा रही है किंतु आर्थिक मजबूरियों के कारण अभिभावक फीस भरने में असमर्थ हैं पहले पूर्ण क्लास 5 से 7 घंटे की चलती थी अभी ऑनलाइन क्लास 40 मिनट से लेकर 2 घंटे की ही चल रही है अभिभावक कल्याण संघ आप महोदय से निवेदन करता है कि आप शासन स्तर पर अप्रैल जुलाई-अगस्त 3 माह की ट्यूशन फीस पूर्ण रूप से माफ करें वह ऑनलाइन चल रही क्लासेस मैं ट्यूशन फीस में भी 50% छूट प्रदान की जावे ताकि अभिभावक इस आर्थिक मार के दौर में भी अपने बच्चों को उचित रूप से शिक्षा प्रदान करवा सके आप महोदय से पूर्ण आशा विश्वास है कि आप अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को मध्य नजर रखते हुए छात्रों के हित में उचित निर्णय लेंगे



Nagdampnews24। मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशफाक खान व स्वच्छता निरीक्षक कन्हैयालाल चैहान ने सोमवार की सुबह सफाई व्यवस्था को लेकर शहर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेटो व सफाई कर्मचारियों को सफाई को सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने रहवासियों, व्यापारियों से निवेदन किया गया कि कचरे को गाड़ी में ही डाले।

इसी प्रकार स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की टीम द्वारा शाम को गीता श्री गार्डन के सामने कचरे पॉइंट की सफाई करवाकर पॉइंट के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया। मुनपा अधिकारी श्री खान ने बताया कि महिदपुर नाके स्थित कचरे अड्डे के आस पास रखे बिल्डिंग मटेरियल को समतल कर कचरे में पड़े कवेलू की दीवार बनाकर तैयार की गई और मंगलवार से रंगाई पुताई, पौधे लगाकर कर कचरे अड्डे को संवारने का कार्य किया जाएगा। इस दौरान कुशल धोलपूरे, संदीप चैहान, यश सेन, लक्की सेन, आदि का योगदान रहा।



Nagda(mpnews24। विगत डेढ़ वर्षो से एप्रोच रोड़ नागदा पर खुले आसमान के नीचे सभी तरह के मौसम की मार झेलते हुए अपना जीवन जी रही बुजुर्ग महिला को मोहनश्री फाउण्डेशन ने अपने यहां आसरा दिया।

उक्त जानकारी देते हुए फाउण्डेशन के संचालक मनोज राठी बारदानवाला ने बताया कि काफी समय पहले फाउण्डेशन के पास सोश्यल मीडिया के माध्यम से उक्त महिला के बारे में जानकारी प्राप्त हुई थी। जब वहां जाकर महिला को देखा कि वह महिला सभी तरह के मौसम की मार झेलते हुए अपना जीवन बुरी तरह गुजार रही थी। तब मैंने उनसे बात की और काफी समझाईश के बाद उक्त महिला साथ जाने को राजी हुई। विगत दो माह से उक्त महिला मोहनश्री फाउण्डेशन के संरक्षण में और अब एक बेहतर जीवन जी रही है।
श्री राठी ने बताया कि उक्त महिला न जाने किस मानसिक तनाव की वजह से आज भी किसी से ज्यादा बात नहीं करती हैं। पर उसे खुले आसमान के नीचे जीवन जीने से मुक्ति मिल गई और एक आशियाना मिल गया।
गौरतलब है कि मोहनश्री फाउण्डेशन द्वारा हमेशा ही जरूरतमंद लोगो को सहयोग किया जाता रहा है। मोहनश्री फाउण्डेशन स्व. मोहनलालजी राठी की स्मृति में राठी परिवार द्वारा बिना किसी शासकीय सहायता के संचालित किया जाता है।



Nagda(mpnews4।   सोमवार को नेशनल टीबी एलीमीनेशन प्रोग्राम के उन्मुखिकरण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंसल्टेंट डाॅ. निधि सांकला एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. महावीर खण्डेलवाल, उज्जैन के निर्देशानुसार तथा डाॅ. सुनिता परमार जिला क्षय अधिकारी नें ब्लाॅक मेडिकल आॅफिसर डाॅ. कमल सोलंकी समस्त सेक्टर मेडिकल आॅफिसर, फार्मासिस्ट, लेब टेक्निशन, कम्युनिटी हेल्थ आॅफिसर को प्रक्षिक्षण दिया। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश कार्यक्रम के अन्तर्गत टीबी एवं टीकाकरण दोनो ही राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सम्मलित किया गया है। जिसमें वर्ष 2025 तक देश को क्षय मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उपरोक्त जानकारी देते हुए डाॅ. निधि सांकला ने निर्देशित किया कि टीबी में नोटिफिकेशन एक महत्वपुर्ण प्रक्रिया है, समस्त मेडिकल आॅफिसर अपनी ओपीडी में प्रारम्भीक लक्षण जैसे 15 दीन से अधिक की खासी, बुखार, वजन में कमी आना बलगम में खून आना, रात्री मे पसीना आना, या इनमें से कोई एक लक्षण होने पर भी सम्बंधित मरीज की खकार की जांच तथा एक्स-रे आवश्यक रूप से करवावें।
जांच पश्चात मरीज के टीबी पाॅजिटिव पाये जाने पर मरीज को मुक्त दवा उसके घर पर ही स्थानीय कार्यकर्ता के माध्यम से खिलाई जाती है, साथ ही उपचार के साथ पोषण योजना के अन्तर्गत 500 रूपये प्रतिमाह ईलाज के दोरान दिया जाता है। दवा प्रारम्भ कर इसे बिच में बन्द करना घातक हो सकता है। इस अवसर पर जिला क्षय अधिकारी डाॅ. सुनिता परमार द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए, इसके पश्चात् जिला क्षय अधिकारी डाॅ. सुनिता परमार एव डाॅ. निधि सांकला द्वारा सिविल हास्पिटल नागदा, स्थानीय लेब एवम अन्य विभागो का निरिक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए, तथा लेब टेक्निशन को गुणवत्तापुर्ण जांच करने हेतु आदेशित किया गया। इस अवसर पर बीईई बीएल सोनी, बीसीएम श्रुतिका भोंडवे, नविन पाण्डे, उपस्थित रहे।

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