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Nagda(mpnews24)।   अखिल भारतीय बलाई महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार के विरूद्ध कांग्रेस नेता प्रेमचन्द गुड्डू द्वारा विवादित टिप्पणी किए जाने पर सोमवार को अभा बलाई महासंघ के नेतृत्व में बस स्टेण्ड पर पुतला दहन किया गया। पुतला दहन में नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश परमार, आकाश संकत, रणछोडलाल गुजराती, संतोष राठौर मालवीय, गोलू डूंगज, विनोद गहलोत, शैलेष चैहान, मनोहर मालवीय, दुर्गेश सोलंकी, जीतू मालवीय, सुजान गेहलोत, विकास निंबोला, भैरू हिन्दल, मनीष परमार, विश्वास गहलोत आदि उपस्थित थे।



Nagda(mpnews24)।   हरियाणा में निकिता हत्याकांड को लेकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल द्वारा सोमवार को स्थानिय पुराने बस स्टेण्ड पर धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में सरकार से अपराधी को कठोर दंड देने तथा लव जिहाद को लेकर हो रही घटनाओं को रोकने की की मांग की गई।

धरना प्रदर्शन में विभाग धर्म प्रसार प्रमुख जगदीश धाकड,़ जिला अध्यक्ष भंवरलाल धाकड,़ जिला सहमंत्री समरथ सेन, जीतू पांचाल, कोषाध्यक्ष राजेंद्र पाटीदार, जिला संयोजक जीवन चैधरी, जिला उपाध्यक्ष सुरेश सोनी, विजय टेपन, मुकेश देवड़ा, प्रदीप पाटीदार, राकेश चैधरी, दीपक चैधरी, मोनू ठक्कर, हेमू चंदेल देवेंद्र सेन, रोशन शुक्ला तथा जिले के समस्त अधिकारी उपस्थित थे।



Nagda(mpnews24)।   सोमवार को वार्ड 19 व 25 की महिलाओं एवं पुरूषों ने भारी मात्रा में जमे गन्दे पानी की निकासी के लिये व्यवस्थित नाली एवं गली निर्माण की मांग को लेकर नगर पालिका प्रशासक के नाम ज्ञापन तहसीलदार राजेन्द्रकुमार गुहा को ज्ञापन सौपा।


ज्ञापन में मांग की गई कि वार्ड 19 दयानंद कॉलोनी की गली नं. 3, 4, 5 के पीछे एक नीजी प्लॉट में भारी मात्रा में घरो से निकलने वाला व बारिश का पानी जमा है। उक्त पानी के निकासी के लिये व्यवस्थित नाली निर्माण नहीं होने के कारण क्षेत्र में गन्दगी बनी हुई रहती है जिससे मच्छरों के साथ-साथ जहरीले जीव-जन्तु भी निकलते रहते है। जमा पानी के कारण बिमारियों का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। वार्डवासियों ने कहा कि उनके द्वारा पार्षद व नगर पालिका अधिकारियों को कई बार इस मामले में अवगत कराया गया लेकिन रहवासियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई कि जमा गंदे पानी की निकासी के लिये शीघ्र नाली निर्माण कराया जावे।
वहीं वार्ड नं. 25 विज्ञान नगर चैथमाता मंदिर क्षेत्र के रहवासियों ने ज्ञापन में बताया कि मंदिर के पीछे की गलियां काफी अव्यवस्थित है नालियां ठीक ढंग से बनी नहीं है इसीलिए क्षेत्र से निकलने वाला पानी घरो के आसपास ही जमा रहता है। घरो से निकलने वाले पानी के लिये जो पाईप लगाया गया है उन पाईपो के माध्यम से सांप, बिच्छू घर में आ रहे है तथा काफी वर्षो से पानी इकट्ठा होने के कारण पानी घरों की नींवो तक पहुंच गया है जिससे कई घरों के फर्श बैठ गये है। वहीं वर्षभर घरों में सीतान बनी रहती हैं। इस समस्या के निकाल के लिये रहवासियों ने ज्ञापन देकर व दुरभाष पर क्षेत्रीय पार्षद व मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी अवगत कराया लेकिन किसी ने भी मौके पर आकर समस्या को नहीं समझा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासक से मांग की है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेकर उसका जल्द से जल्द निराकरण कराया जावे।


इस मौके पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य बसंत मालपानी ने मौजूद मीडियाकर्मियों को कहा कि जनप्रतिनिधि विशेषकर पार्षद चुनाव जीतने के बाद वार्डवासियों की समस्या को जानने नहीं पहुंच रहे । इस कारण कई समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। जमा गंदे पानी की निकासी ना होने के कारण बिमारियों एवं जहरीले  जानवरों का डर क्षेत्र में बना हुआ हैं। नगर पालिका के अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी वे समस्याओं के निराकरण के लिये गंभीर नहीं है। श्री मालपानी ने प्रशासक महोदय से मांग की है कि सम्पूर्ण नागदा में एक विशेष सफाई अभियान चलाकर क्षेत्र से गंदगी को दूर किया जावे वहीं नागदा के समस्त वार्डो में व्यवस्थित नाली निर्माण करवाई जावे। ज्ञापन का वाचन कमल आर्य एवं अजयसिंह चैहान ने किया।


ज्ञापन देते समय सत्यनारायण मीणा, अशोक परांजपे, जुम्मन खां, गोपाल गुर्जरवाडिया, आजाद खान, धर्मेन्द्र यादव, संजेश गुप्ता, संदीप शाक्य, गुड्डी तोमर, नरेन्द्र वालियान, खजांची गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, सुरेन्द्र मीणा, शहजाद खान, प्रभुलाल मीणा, डी.के. शर्मा, कैलाशचन्द्र जोशी, जसवन्तसिंह, राजेन्द्र मेहता, संतोष पण्ड्या, शंकरलाल सोलंकी, प्रवीण प्रजापत, आनंद परमार, पवन सोलंकी, राजेश शर्मा, राजेश राठौर, पवन लोधी, मोहन पण्ड्या, प्रकाश राठौर, किशोर राठौर, राजु मीणा, देवीलाल प्रजापत, जितेन्द्र प्रजापत, दिनेश जायसवाल, रविन्द्र जायसवाल, भुवनेश्वर शर्मा, दिनेश राठौर, रोहित रघुवंशी सहित कई महिलाएं एवं पुरूष उपस्थि थे।



Nagda(mpnews24)।   राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना द्वारा अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें देश-दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ वक्ताओं ने भाग लिया। यह संगोष्ठी आदि कवि वाल्मीकि इतिहास और मूल्यों के परिप्रेक्ष्य में पर केंद्रित थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्रवासी साहित्यकार एवं अनुवादक सुरेशचंद्र शुक्ल शरद आलोक, ओस्लो, नॉर्वे थे। प्रमुख वक्ता विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा थे। विशिष्ट अतिथि नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली के महामंत्री डॉ. हरिसिंह पाल, डॉ राजेन्द्र साहिल, लुधियाना, महासचिव डॉ प्रभु चैधरी एवं उपस्थित वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ हरेराम वाजपेयी, इंदौर ने की।


कार्यक्रम के अतिथि श्री शुक्ल नॉर्वे ने कहा कि वाल्मीकि सही अर्थों में विश्व कवि हैं। उनकी रामायण के माध्यम से विश्व में संस्कृत को गौरव मिला। उनकी रामायण का अनुवाद दुनिया के विभिन्न भाषाओं मैं होना चाहिए। श्री शुक्ल ने वाल्मीकि रामायण के प्रारंभिक श्लोकों का प्रथम बार नॉर्वेजियन भाषा में अनुवाद कर उनका पाठ  किया।

प्रो. शर्मा ने कहा कि आदिकवि वाल्मीकि की रामायण में जातीय स्मृतियों, इतिहास, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का जीवन्त रूपांकन हुआ है। वाल्मीकि ने रामकथा के माध्यम से सत्य और धर्म की प्रतिष्ठा पर बल दिया है। उनकी दृष्टि में सत्य ही संसार में ईश्वर है और धर्म भी उस सत्य  के ही आश्रित है। उन्होंने एक ऐसे उदात्त चरित्र को महाकाव्य के केंद्र में रखा है, जो लोगों को परस्पर प्रेम, बन्धुत्व और समरसता में बांध सके। उनकी मूल्य दृष्टि बहुत गहरी है। डॉ. हरिसिंह पाल, नई दिल्ली ने कहा कि वाल्मीकि ने राम कथा के माध्यम से आसुरी वृत्तियों और अनाचार के दमन और उन पर विजय का शाश्वत संदेश दिया है। डॉ राजेंद्र साहिल, लुधियाना ने कहा कि आदि कवि वाल्मीकि का पंजाब के साथ गहरा संबंध रहा है। अमृतसर के समीप स्थित रामतीर्थ में वाल्मीकि का आश्रम था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हरेराम वाजपेयी, इंदौर ने कहा कि वाल्मीकि का व्यक्तित्व सार्वभौमिक है। साहित्यकार डॉ शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे ने कहा कि वाल्मीकि की रामायण भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संदेश देती है। यह ग्रंथ श्रेष्ठ समाज के निर्माण में अनेक सदियों से विशिष्ट भूमिका निभा रहा है। आयोजन की संकल्पना एवं स्वागत भाषण संस्था के महासचिव डॉ प्रभु चैधरी ने देते हुए वाल्मीकि के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्था के उद्देश्य और भावी गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ शहाबुउद्दीन नियाज, मोहम्मद शेख पुणे, डॉ. भरत शेणकर अहमदनगर, डॉ आशीष नायक, रायपुर, डॉ प्रवीण बाला, पटियाला, डॉ मुक्ता कौशिक, रायपुर, डॉक्टर समीर सैयद, अहमदनगर, पूर्णिमा कौशिक, रायपुर, डॉ रोहिणी डाबरे, अहमदनगर, डॉ लता जोशी, मुंबई, डॉ ज्योति मईवाल, उज्जैन, डॉ राधा दुबे, डॉ प्रियंका द्विवेदी, प्रयागराज, डॉ अमित शर्मा, ग्वालियर, डॉ महेंद्र रणदा, पंढरीनाथ देवले आदि सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। संगोष्ठी के प्रारंभ में सरस्वती वंदना डॉ लता जोशी मुंबई ने की। संगोष्ठी का संचालन संस्था सचिव डॉ रागिनी शर्मा, इंदौर ने किया। आभार प्रदर्शन संस्था के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ शहाबुउद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे ने किया।



Nagda(mpnews24)।   रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय पर सेवा भारती की समिति की घोषणा जिला संघचालक ताराचंद्र तंवर द्वारा की गई। जिसमें अध्यक्ष वीरेन्द्रकुमार सकलेचा (किराना व्यवसायी), उपाध्यक्ष जेठालाल पटेल, उपाध्यक्ष विनोद गनेरीवाल, सचिव परेश त्रिवेदी (असिस्टेन्ट जनरल मेनेजर-ग्रेसिम उद्योग), सहसचिव पुनीत मेहता (खाचरौद), कोषाध्यक्ष हितेश कांठेड़ मनोनीत किये गये। समिति के सदस्यों के रूप में कुंजबिहारी गुप्ता, रमेश दुबे, राजेश धाकड़, गिरीजापति दुबे, राहुल गुप्ता बड़नगर, रवि ददरवाल बडनगर,  उमेश अग्रवाल की घोषणा की गई। इस बैठक में प्रान्त के सेवा प्रमुख योगेशजी शर्मा, सेवा भारती जिला उज्जैन समिति के सचिव रितेश सोनी, विभाग सेवा प्रमुख शैलेन्द्र डोडिया भी उपस्थित रहे।



Nagda(mpnews24)।   करवा चैथ के अवसर पर अमलावदिया रोड विद्यानगर स्थित म.प्र. के एक मात्र चैथ माता मंदिर पर महाआारती का आयोजन रखा गया है।

चैथ माता मंदिर समिति प्रमुख अंजुबाला पोरवाल ने बताया कि 4 नवम्बर बुधवार को सायंकाल 6.30 बजे विद्यानगर स्थित श्री चैथ माता मंदिर पर महाआरती का आयोजन रखा गया है। श्रीमती पोवाल के मुताबिक करवा चैथ व्रत महिलाऐं अपने पति के दीर्घायु जीवन एवं घर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर दिन भर निर्जल व्रत रखती है, शाम को चैथ माता की पूजा अर्चना कर रात चंद्रमा को अध्र्य कर पूजा अर्चना कर पति की लंबी उम्र का वर मांगती हैं। विद्यानगर स्थित श्री चैथ माता मंदिर के व्यवस्थापक एवं संचालक भूतपूर्व सैनिक डाॅ. अजयसिंह चैहान हैं।

श्रीमती पोरवाल ने कहा कि कोरोना काल में शासन के निर्देशों के मुताबिक महाआरती में शामिल होने के लिये महिलाऐं सोश्य डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क अवश्य पहनकर आऐ।

महाआरती का लाभ लेने का अनुरोध श्रीमती पोरवाल के अलावा जया पांडे, आशा जवेरिया, पुष्पा रघुवंशी, प्रीति जायसवाल, सोनाली गुर्जर, मीना गुर्जर, रीमा पोरवाल, प्रीति पोरवाल, नीता सेठिया, मधुबाला भारद्वाज, राखी सेठिया, वंदना पोरवाल, रानी पोरवाल, किरण राठौड, नागेश्वरी पाल, सीमा कांकरिया आदि ने किया है।

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यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे अहम व्रत माना जाता है

करवा चैथ महज एक व्रत नहीं है, यह पति-पत्नी के पावन रिश्ते को अधिक मजबूत करने वाला पर्व भी है. चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है। करवा चैथ व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है. इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे अहम व्रत माना जाता है। करवा चैथ के दिन हर महिला बड़ी ही श्रद्धा भाव से शिव-पार्वती की पूजा करती है। इस दिन व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश के साथ चंद्रमा की भी पूजा करने का विधान है। यही नहीं कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित वर के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। करवा चैथ का पावन व्रत हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है और ऐसे में इस साल करवा चैथ व्रत 4 नवंबर को रखा जाएगा।

करवा चैथ व्रत नियम
यह व्रत सूर्योदय होने से पहले शुरू होता है और चांद निकलने तक रखा जाता है। चांद के दर्शन के बाद ही व्रत को खोलने का नियम है। शाम के समय चंद्रोदय से लगभग एक घंटा पहले सम्पूर्ण शिव-परिवार (शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी) की पूजा की जाती है। पूजन के समय व्रती को पूर्व की ओर मुख करके बैठना चाहिए। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति को छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है। इसके बाद पति जल पिलाकर पत्नी का व्रत तोड़ते हैं।



Nagda(mpnews24)।   बीते एक साल में सिर्फ गेहूं को छोड़कर खाने की अधिकतर जरूरी चीजों के खुदरा मूल्यों में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मुताबिक, आलू के दामों में जहाँ पिछले एक साल में 92 फीसदी की वृद्धि हुई है वहीं प्याज के दाम 44 फीसदी बढ़े हैं। उच्च खाद्य मुद्रास्फीति आर्थिक नीति के लिए बड़ी चिंता के रूप में उभरी है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी अस्थायी है और जब अधिक आपूर्ति होगी तो यह दाम नीचे आएंगे। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के जारी किए गए आँकड़ों में एक तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है जिसके अनुसार प्याज के औसत थोक दामों में 108 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। मंत्रालय के मुताबिक, एक साल में प्याज के दाम 1,739 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 3,633 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच चुके हैं। पिछले साल से अगर तुलना की जाए तो शनिवार को प्याज का थोक दाम 5,645 रुपये प्रति क्विंटल था जबकि तकरीबन एक साल पहले यह दाम 1,739 रुपये प्रति क्विंटल था।

गरीब परिवारों के साथ-साथ मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट भी गडबडाया
कोरोना संक्रमण महामारी के दौर में विगत छः माह से देश, प्रदेश एवं शहर में लागू लाॅकडाउन के बाद से ही जरूरत की वस्तुओं के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। कोरोना काल में कई लोगों की नौकरीयाॅं तक चली गई, वहीं वर्तमान में खाद्य सामग्री की दरों में जिस हिसाब से वृद्धी हुई है उतनी वृद्धि पहले कभी भी नहीं देखी गई। एक और संक्रमण से बचाव हेतु प्रोटीन युक्त दालोें के सेवन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोर दिया जा रहा है वहीं बाजार में दोलों के आसमान छुते भाव ने इसे गरीब की रसोई से काफी दूर कर दिया है। वहीं मेहमान नवाजी की शान कही जाने वाली चाय पत्ती के दाम भी आसमान छू रहे है। दिनों दिन बढ रही महगाई के इस दौर में न तो सत्ता में बैठे राजनेता कुछ बोलने के लिए तैयार है और ना ही विपक्ष में बैठे लोग। ऐसे में आम जनता महंगाई की चक्की में निरंतर पीस रही है।

विगत एक माह में ही आसमान पर चले गए भाव
हमारे प्रतिनिधि ने इस पुरे मामले में वर्तमान में हर परिवार में आवश्यक रूप से उपयोग में आने वाली खाद्य सामग्रीयों के भाव बाजार में तलाशे तो ज्यादातर खाद्य सामग्रीयों के भाव आसमान छुते नजर आऐ। जुलाई-अगस्त माह में जिस तुवर दाल के भाव 90 से 95 रूपये किलो थे वह वर्तमान में 115-120 रूपये प्रतिकिलो की दर से बाजार में बीक रही है। वहीं उदल दाल 95-98 से 105-110 पर पहुच गई है, मूंग की दाल 100 से 115, चना 60-65 से 65-70 रूपये प्रतिकिलो तथा खाद्य तेल 100-105 रूपये प्रतिकिलो से 100-105 तथा ब्रान्डेड तेल 125 से 160 रूपये प्रतिकिलो की दर से बाजार में बीक रहा है। ऐसे में गरीब की रसोई का पुरा बजट ही बिगड गया है। यह तो कुछ सामग्री है जिनका उल्लेख हमारे द्वारा किया गया है महिने भर में लगने वाली खाद्यान्न सामग्री में ज्यादातर के दाम बढ चुके है। ऐसे में गरीब परिवारों के साथ-साथ मध्यमवर्गीय परिवारों का भी बजट अब गडबडाने लगा है।

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