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Nagda(mpnews24)।   स्थानिय विद्युत मण्डल के अधिकारियों द्वारा सर्वसाधारण को जानकारी उपलब्ध करवाऐ जाते हुए बताया है कि 5 नवम्बर को 11केवी बस स्टेण्ड फीडर पर अति आवश्यक कार्य होने के कारण बैरछा रोड, महिदपुर रोड, गुलाबबाई काॅलोनी, दयानंद काॅलोनी, मनोहर वाटिका, गांधी ग्राम, श्रीराम काॅलोनी, पुराना बस स्टेण्ड आदि क्षेत्रों की विद्य़ुत लाईन प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक बंद रहेगी। विभाग द्वारा नागरिकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।

गुरूवार की शाम एवं शुक्रवार की शाम को नहीं होगा पेयजल वितरण
मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशानुसार बुधवार को शहर में मुनादी की गई कि नगर पालिका परिषद द्वारा तकनिकी खराबी आ जाने के कारण गुरूवार की शाम को पेयजल का वितरण नहीं होगा। इसी प्रकार शुक्रवार 6 नवम्बर की सुबह भी पेयजल का वितरण नहीं होगा। नपा द्वारा नागरिकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
त्यौहार के समय पानी एवं बिजली कटौती से नागरिकगण नाराज
वर्तमान में महत्वपूर्ण त्यौहार दीपोत्सव को चंद दिवस ही रह गए हैं। ऐसे में समस्त रहवासियों द्वारा अपने-अपने घरों में त्यौहार के आगमन की तैयारियाॅं की जा रही है तथा साफ-सफाई एवं रंगरोगन का दौर भी चल रहा है। त्योहार की तैयारी के समय विद्युत मण्डल एवं नगर पालिका द्वारा विद्युत एवं पेयजल में कटौती को लेकर रहवासियों ने नाराजगी जाहिर की है। नागरिकों का कहना है कि दोनों ही विभागों को त्यौहार के समय इस प्रकार की कटौती नहीं करना चाहिए।



Nagda(mpnews24)।   संस्था के अध्यक्ष राजेश गेलड़ा ने जारी प्रेस बयान में बताया कि कोरोनाकाल के 6 माह में महावीर इंटरनेशनल द्वारा जीवदया एवं मानवसेवा के लिये निरंतर सेवाकार्य किये गये। कोरोनाकाल में मूक पशुओं के लिये हरा चारा, खली एवं गुड़ की लापसी का आहार वितरित किया गया। पक्षियों को नियमित मक्का एवं ज्वार डाली गयी। मानव सेवा के रूप में जरूरतमंद लोगों को राशन के किट वितरित किये गये।

इसी श्रंखला में सेवाकार्य को आगे बढ़ाते हुए महावीर इंटरनेशनल द्वारा कोरोना महामारी से आमजन को बचाने हेतु जी-जान से जुटे कोरोना योद्धाओं, नगर पालिका कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, पुलिस विभाग अरविन्द मिल्स बांबे द्वारा निर्मित एन 95 क्वालिटी के 700 मास्क भेंट किये गये।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में नगर पालिका सीएमओ अशफाक खान, नोडल अधिकारी बसंत रघुवंशी,  पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश धाकड़, जैन सोश्यल ग्रुप अध्यक्ष शरद जैन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सचिव मनोज वागरेचा ने किया, आभार उपाध्यक्ष हर्षित नागदा ने माना।
इस अवसर पर संस्था के जोन सचिव मनीष ओरा, जोन डायरेक्टर सुनील सकलेचा, जोन डायरेक्टर श्रेणिक जैन, उपाध्यक्ष अभिषेक कोलन, कोषाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कांठेड़, पुरूषोत्तम पुरोहित, रमेशचन्द्र पाल, मुकेश बोहरा, अमित बम, बाबुलाल डाबी आदि उपस्थित थे।



Nagda(mpnews24)।   शहर में तेजी से उभरे अवैध काॅलोनाईजरों की जाचं करने के अनुविभागीय अधिकारी आशुतोष गोस्वामी के आदेश को आज 14 दिन बीत चुके हैं। लेकिन सात दिन में जांच प्रतिवेदन के निर्देशों को उनके ही मातहत अधिकारियों ने पुरा नहीं किया है तथा अभी उक्त जांच में और समय लगने की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन की धीमी गति से चल रही जांच से अवैध काॅलोनाईजरों के हौसले बुलंद हो गए हैं तथा वह अब यह मान कर चल रहे हैं कि प्रशासन उनके विरूद्ध कोई कडा कदम नहीं उठाऐगा। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि एसडीएम कार्यालय के निर्देशों के तहत सात दिवस में दल को अपनी रिर्पोट प्रस्तुत करना थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया तथा सूत्रों का कहना है कि अभी मात्र दो पटवारियों ने अपनी रिर्पोट दल प्रमुख को सौंपी है, शेष की रिर्पोट आज भी आना बाकी है।

सात दिनों में भी जांच पुरी नहीं, रेरा संबंधी दस्तावेज भी मांगे टीम
स्थानिय प्रशासन द्वारा अवैध काॅलोनियों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया था। जिस टीम को उक्त जिम्मेदारी दी गई थी उसे सात दिनों में अपनी जांच रिर्पोट एसडीएम श्री गोस्वामी को प्रस्तुत करना थी, लेकिन गठित दल अपनी जांच पुरी ही नहीं कर पाया। ऐसे में इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि प्रशासन अवैध काॅलोनाईजरों को पुरा मौका दे रहा है कि कि वह दस्तावेजों की कमियों को दूर करके कार्रवाई से बच जाऐं। स्थानिय प्रशासन को रेरा कानून से संबंधित जानकारी भी अवैध काॅलोनाईजरों से तलब करना चाहिए। क्योंकि रेरा में यह स्पष्ट नियम है कि कोई भी काॅलोनाईजर 5300 स्कवेयर फीट से या 8 प्लाॅट से अधिक प्लाॅट विक्रय करता है तो उसके पास रेरा का पंजीयन आवश्यक रूप् से होना चाहिए। यदि उसने ऐसा नहीं किया है तो वह अवैध कार्य कर रहा है।

ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने के फेर में नहीं कराते टीएनसी
मामले में जानकारों का कहना है कि काॅलोनी काटकर प्लाॅट विक्रय करने से पूर्व कृषि भूमि का व्यय परिवर्तन करवा कर नक्शा भी टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग (टीएनसी) से अनुमोदन करवाना आवश्यक होता है। लेकिन काॅलोनाईजर लाखों रूपए का खर्च बचाने के लिए टीएनसी रिर्पोट के बिना ही काॅलोनी काट देते हैं। टीएनसी से नक्शा पास कराने के लिए काॅलोनाईजर को काॅलोनी में 40 प्रतिशत हिस्सा सडक, नाली, मंदिर, गार्डर के लिए छोडना आवश्यक होता है। लेकिन काॅलोनाईजर 80 प्रतिशत हिस्सा लाभ के फेर में बेच रहे हैं। साथ ही कई बार तो आम रास्ते पर भी कृषि भूमि के मालिक का नाम खसरे में दर्ज रह जाता है जो बाद में विवाद की वजह भी बनता है। ऐसे कई मामले वर्तमान में भी तहसील कार्यालय में विचाराधीन है।

शहर में खुलेआम उल्लंघन हुआ रेरा का प्रशासन क्यों रहा मौन ?
शहर के आसपास कई काॅलोनियाॅं वर्तमान में काटी गई है इनमें से ज्यादातर अवैध हैं। अवैध काॅलोनी में प्लाॅट लेने वालों को न तो मूलभूत सुविधा मिल सकती है और ना ही उनका आशीयाने में जल्द ही कोई सुविधा मिल पाऐगी। अवैध काॅलोनी में प्लाॅट खरदीने पर सडक, पानी, बिजली आदि की समस्याओं से नागरिकों को जुझना पडेगा। काॅलोनाईजर अपना प्लाॅट तो बेचकर चला जाऐगा लेकिन कृषि भूमि में दर्ज होने के कारण भवन निर्माण की अनुमती के लिए भी काफी मशक्कत करना पड सकती है तथा महिनों इंतजार भी करना पड सकता है। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ भी अवैध प्लाॅटों पर नहीं मिल सकता है। ऐसे में नागरिकों को सोच-समझ कर ही प्लाॅटों को खरीदना होगा।



Nagda(mpnews24)।   आयुष्मान कार्ड बनाने की सेवा अब लोक सेवा गारण्टी में शामिल कर ली गई है। इससे पात्र नागरिकों को समय पर उपचार मिल सकेगा। साथ ही पैसों के अभाव में अब कोई भी नागरिक उपचार से वंचित भी नहीं रह पाऐगा। लोक सेवा गारंटी से आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा से जोडने के लिए लोक सेवा केन्द्र ने कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। श्रीराम काॅलोनी स्थित लोक सेवा केन्द्र पर जल्द ही यह सुविधा प्रारंभ भी होने वाली है।

गौरतलब है कि लोक सेवा गारंटी से अब तक 463 सेवाओं को जोडा जा चुका है। आयुष्मान कार्ड बनने की सेवा इसमें जुड जाने सह यह 464वीं सेवा होगी। कोरोना काल में नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाऐं उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है। ऐसे में लोक सेवा गारंटी से आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन लिए जाने से जल्द कार्ड बनेंगे साथ ही पात्र नागरिकों को उक्त सुविधा समय सीमा में प्राप्त हो सकेगी। इस योजना के तहत गंभीर रोगी कार्ड के आधार पर बडे शहरों के बडे-बडे अस्पतालों में जाकर भी उपचार करवाया जा सकेगा।
मामले में प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीराम काॅलोनी स्थित लोक सेवा केन्द्र पर उक्त सुविधा प्रारंभ किए जाने हेतु संपूर्ण तैयारी की जा चुकी है। एक या दो दिनों में उक्त सेवा प्रारंभी भी हो सकती है। सेवा को प्रारंभ करने हेतु विशेष आईडी भोपाल से बन कर आऐगी।



Nagda(mpnews24)।   आदित्य बिरला ग्रुप के बिरला सेल्यूलोज को कनाडा स्थित एनवायरमेंटल गैर लाभकारी संस्था, कैनोपी प्लेनेट सोसायटी की हालिया हॉट बटन रिपोर्ट-2020 के अंतर्गत डार्क ग्रीन शर्ट के सम्मान से नवाजा गया। बिरला सेल्युलोज, जो कि आदित्य बिरला ग्रुप का पल्प और फाइबर व्यावसायिक है, एक बार पुनः कैनोपी की हॉट बटन रिपोर्ट 2020 में वैश्विक स्तर पर पहले नम्बर पर उभरकर सामने आया है। यह सम्मान बिरला सेल्युलोज को उसके प्राचीन और विलुप्तप्राय जंगलों के संरक्षण के लिए निरन्तर किये जा रहे प्रयासों के लिए दिया गया है। पर्यावरण के क्षेत्र की इस रिपोर्ट में मिलने वाली टॉप रैंकिंग इस बात को दर्शाती है कि लकड़ी के स्रोतों के दोहन को दीर्घकालिक तौर पर सुधारने, जंगलों का संरक्षण करने, फाइबर के नेक्स्ट जेनरेशन समाधानों के विकास में इनोवेशन लाने तथा अपनी समस्त वेल्यु चेन में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए कम्पनी अनथक प्रयास कर रही है।


प्राचीन और विलुप्त होते जा रहे जंगलों की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है - गौर
दिलीप गौर, बिजेनस डायरेक्टर, पल्प एन्ड फाइबर (बिरला सेल्युलोज) आदित्य बिरला ग्रुप एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कहा-बिरला सेल्युलोज के लिए प्राचीन और विलुप्त होते जा रहे जंगलों की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। हम समृद्ध जैव विविधता, दीर्घकालिक वन्य सम्बन्धी अभ्यासों और उन्नत संरक्षण समाधानों में विश्वास करते हैं, जो जलवायु परिवर्तनों की चुनौती से लड़ने में मदद कर सकते हैं। कैनोपी के साथ हमारे कोलेब्रेशन ने हमें उन क्षेत्रों में साल दर साल अपने ही कीर्तिमानों को निरन्तर सुधारने के लिए प्रेरित किया है जिनपर हमारा खास फोकस है।


फैशन सेक्टर के लिए एक प्राथमिक फाइबर सोर्सिंग एनलिसिस टूल
इस टॉप रैंकिंग के साथ ही बिरला सेल्युलोज को हॉट बटन रिपोर्ट 2020 की पहली डार्क ग्रीन शर्ट रैंकिंग से भी नवाजा गया है। इस रैंकिंग के अनुसार अधिक गहरे हरे शेड की रैंकिंग का मतलब है कि, किसी कम्पनी द्वारा नेक्स्ट जेनरेशन फाइबर समाधानों की प्रक्रिया तथा खतरे में पड़ी जमीन और जंगलों के संरक्षण की उन्नति के संदर्भ में कैनोपी स्टाइल जिम्मेदारी को लागू करने की दिशा में कम्पनी का प्रस्तुतिकरण कैसा रहा। कैनोपी की हॉट बटन रैंकिंग और रिपोर्ट, कैनोपी का एक फ्लैगशिप वार्षिक प्रकाशन है। उल्लेखनीय है कि कैनोपी, फैशन सेक्टर के लिए एक प्राथमिक फाइबर सोर्सिंग एनलिसिस टूल है। इसकी यह रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर मनुष्य निर्मित सेल्यूलोज फाइबर्स (एमएमसीएफ) निर्माताओं का आंकलन करती है और उन्हें विस्कोज एवं अन्य सेल्युलोइज फाइबर्स के प्राचीन व खतरे में पड़े जंगलों तथा अन्य विवादास्पद स्रोतों के प्रयोग को बंद करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता तथा टैक्सटाइल में बने इनोवेटिव फाइबर्स के उपयोग को प्राथमिकता देने के आधार पर रैंक देती है।


70 प्रतिशत तक सार्थक निवेश हुआ
आदित्य बिरला ग्रुप ने गौरवपूर्वक संरक्षण के इन समाधानों में 70 प्रतिशत तक सार्थक निवेश किया है, साथ ही अपने संसाधन क्षेत्रों में से एक में फर्स्ट नेशन (पुराने रहवासी) तथा स्थानीय समुदायों के लिए फसल कटाई की संभावनाएं भी बनाये रखी हैं। रिपोर्ट ने इस बात को पहचाना कि, आदित्य बिरला ग्रुप, सामाजिक आर्थिक तथा पर्यावरण सम्बन्धी निश्चिंतता की स्थिति बनाने हेतु अपने महत्वपूर्ण प्रभाव का उपयोग करने वाला एक महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर है। हाल ही में प्रकाशित कैनोपी स्टाइल ऑडिट ने इस बात की पुष्टि की है कि बिरला सेल्यूलोज के लिए प्राचीन और विलुप्तप्राय जंगलों या अन्य विवादास्पद संसाधनों से लकड़ी की प्राप्ति की बहुत मात्रा कम रही है। वर्तमान में, 320 से भी अधिक ग्लोबल ब्रांड्स, जिनका का कि सम्मिलित वार्षिक राजस्व 578 बिलियन यूएस डॉलर्स से अधिक है, वे सभी कैनोपी हॉट बटन द्वारा लो रिस्क की रेटिंग में रखे गए निर्माताओं से साधन प्राप्त करने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। विश्व स्तर पर 72 प्रतिशत एमएमसीएफ सप्लाई करने वाले स्वेच्छा से ऑडिट करवा रहे हैं ताकि प्राचीन एवं विलुप्तप्राय जंगलों का दोहन करने के खतरे की ओर ध्यान दिलाया जा सके।

क्या है बिरला सेल्युलोज
बिरला सेल्यूलोज, आदित्य बिड़ला ग्रुप का 48.3 बिलियन यूएस डॉलर्स का पल्प और फाइबर व्यवसाय है। यह एक अग्रणी सस्टैंनबिलिटी केंद्रित मनुष्य निर्मित सेल्यूओसिक फाइबर निर्माता है। इसके प्राकृतिक फाइबर्स नवीनीकृत लकड़ी के स्रोतों प्राप्त होते हैं जिन्हें सस्टेनेबली प्रबंधित जंगलों से प्राप्त किया जाता है। बिरला सेल्यूलोज 12 पल्प और फाइबर साइट्स का संचालन करता है जो कि क्लोज्ड-लूप प्रक्रिया के साथ ही कच्चे माल को रीसायकल करने वाली तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने वाली पर्यावरण प्रभावी तकनीक का प्रयोग करते हैं।



Nagda(mpnews24)।   दशहरा मैदान स्थित हनुमान मंदिर परिसर में रविवार रात को शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। इस मौके पर मंदिर परिसर में संगीतमय सुंदरकाण्ड महाआरती व खीर की प्रसादी का वितरण किया गया। बाबा बाल हनुमान भक्त मंडल के कमल त्रिवेदी, चंचल राठौर द्वारा सुंदरकाण्ड की प्रस्तुती दी गई। इस दौरान कई श्रृध्दालु रामजी के भजन झूम उठे। जिसके बाद रात 12 बजे आरती कर खीर का वितरण किया गया। इस मौके पर पं.अकुर शर्मा, नंदकिशोर मालपानी, अशोक शर्मा, मदनलाल राठौर, कैलाश राठौर, राजकिशोर सिसोदिया, भेरूलाल शर्मा,नारायण पांचाल, श्याम प्रजापत, महेन्द्र माली, रविन्द्रसिंह रघुवंशी आदी मौजूद थे। मंदिर परिसर में एक क्विटंल दुध की खीर वितरित की गई।



Nagda(mpnews24)।   वरिष्ठ श्रमिक नेता भवानीसिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश शासन का 29 अक्टूबर को प्रकाशित राजपत्र की काॅपी हमारे प्रतिनिधि को उपलब्ध करवाते हुए शिवराज सरकार द्वारा शासकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष किए जाने का घोर विरोध किया है तथा शासन की इस कर्मचारी विरोधी नीति की निन्दा की है।


श्रमिक नेता श्री शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र (असाधारण) जिसका की प्रकाशन 29 अक्टूबर को किया गया है में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अवर सचिव रविशंकर राय द्वारा मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से आदेशानुसार यह संशोधन प्रकाशित हुआ है। संशोधन में कहा गया है कि एफ-22-49-1985-एक-स्था.-2-भार के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए मध्यप्रदेश के राज्यपा, एतदद्वारा मध्यप्रदेश सचिवालय (चतुर्थ श्रेणी) सेवा भर्ती नियम 1987 में निम्नलिखित संशोधन करते हैं अर्थात - संशोधन - उक्त नियमों में अनुसूची में टीप (1) में शब्द आयू सीमा के स्थान पर शब्द तथा अंक अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष स्थापित किया जाऐ।

श्री शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा कर देने से प्रदेश के हजारों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे जिसमें राजस्व कार्यालयों, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, पंचायत आदि में कार्यरत हजारों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का 2 वर्ष का सेवाकाल समाप्त करने का घोर अपराध शिवराज सरकार ने किया है।

श्री शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश एवं देश की सरकार रोजगार उपलब्ध करवाने में नाकाम रही है, अपितु जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोजी-रोजगार से लगे हुए हैं उनकी सेवानिवृत्ति आयु भी घटाने पर तुल गई है। शेखावत ने कहा कि सरकार इस निर्णय को यदि वापस नहीं लेती है तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को साथ लेकर सरकार के विरूद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाऐगा।

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