MP NEWS24-होली पर्व से लेकर रंगपंचमी पर्व तक विभिन्न मंदिरों में चूल का आयोजन किया जाता है। रंगपंचमी के एक दिन पहले और रंगपंचमी पर ग्रामीण सहित शहर में चूल का आयोजन हुआ। आस्था के साथ श्रद्धालु धधकते अंगारों के बीच नंगे पैर गुजरे और भगवान का अभिषेक कर अपनी मन्नत मांगी। कई श्रद्धालु मन्नत पुरी होने पर भगवान का अभिषेक करने पहुॅंचे थे। मंगलवार शाम 6 बजे दशहरा मैदान स्थित हनुमान मंदिर पर चूल का आयोजन हुआ, यहॉं श्रृद्धालुओं ने आस्था के साथ अंगारों पर चलकर हनुमानजी और भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। इस दौरान तुलसीराम शर्मा, धर्मेश राठौर, भय्यू यादव, अजय टेलर, रवि रघुवंशी, मनीष यादव, सुमित यादव, अजय यादव, विरेन्द्र राठौर, दिलीप यादव, मुकेश यादव, बबलू शर्मा आदि मौजुद थे।बुरानाबाद एवं भीकमपुर स्थित शिव मंदिर पर भी हुए आयोजन गांव बुरानाबाद में रंगपंचमी के एक दिन पहले सोमवार को शिव मंदिर पर चूल का आयोजन हुआ। भक्तजन अंगारों से होकर निकले और भगवान भोले का अभिषेक किया। चूल के आयोजन में प्रसादी के रूप् में चिरोंजी दाने और भांग का वितरण किया गया। गांव भीकमपुर स्थित वृद्ध महाकालेश्वर मंदिर पर भी सोमवार को चूल का आयोजन मंदिर समिति द्वारा किया गया। यहॉ आसपास के गांव से भी श्रृद्धालु पहुॅंचे थे।
MP NEWS24- कोरोना महामारी के दौर में जबकि केन्द्र से लेकर राज्य सरकार का सबसे अधिक फोकस स्वास्थ्य सुविधाओं को चुस्त एवं दुरूस्त करने का हैै। वहीं स्थानिय प्रशासनिक अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली के चलते शासकीय सिविल हॉस्पिटल के नवीन भवन निर्माण हेतु बिल्डिंग को तोडकर नवीन निर्माण किया जाना है। लेकिन इसे विडम्बना ही कहा जाऐगा कि महिनों गुजर जाने के बाद भी अभी तक बिल्डिंग ही पुरी नहीं टूट पाई है, ऐसे में निर्माण प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। वहीं दुसरी और दुकान संचालकों के सामने भी निर्माण प्रारंभ नहीं होने से काफी परेशानियॉं खडी हो गई है। ऐसे में प्रशासन को जल्द से जल्द इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।दुकानदार हो रहे परेशान सरकारी अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को जमींदोज करने से पहले अस्पताल परिसर में दुकाने संचालित करने वाले दुकानदारों को भरोसा दिलाया गया था कि अस्पताल की नई बिल्डिंग बनती रहेगी, सबसे पहले आपकी दुकानें बनाकर दी जाऐगी, ताकि आपका रोजगार प्रभावित न हो। मगर सरकारी वादे की स्थिति यह है कि दिसंबर माह से अस्पताल भवन को तोडने का कार्य किया जा रहा है लेकिन मलबा उठाने में ही तीन माह का समय गुजरने को आ गया है। यानि की दुकान तीन माह से बेरोजगार है। कुछ लोगों ने महंगे किराऐ पर इधर-उधर दुकाने ली हैं। मगर उनकी स्थिति यह है कि दुकान का स्थापना खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में दुकानदारों द्वारा एसडीएम को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द निर्माण प्रारंभ कर दुकाने प्रदान किए जाने की मांग की है। महंगाई के दौर में निर्माण की लागत भी बढ गई बता दें कि सरकारी अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को तोड कर 60 बेड का नया सर्वसुविधा युक्त अस्पताल का निर्माण किया जाना है। इसके लिए 7 करोड 50 लाख रूपए का बजट स्वीकृत है। मगर हाल ही में पता चला है कि बहुमंजिला भवन को बनाने के लिए 11 करोड की लागत आ रही है। ऐसे में बहुत सारी कागजी कार्रवाई के बाद ही निर्माण प्रारंभ हो पाऐगा। बॉक्स अधिकारी आखिर कर क्या रहे है ? महामारी के दौर में अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधा को जल्द से जल्द प्रारंभ करवाने के प्रयास अधिकारियों को करना चाहिए, लेकिन आलम यह है कि चार माह बीत गए अस्पताल की बिल्डिंग नहीं टूटी और ना ही मलबा हटा। ऐसे में ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड कर राशि राजसात करते हुए तत्काल नवीन ठेकेदार को बुलाकर संपूर्ण मलबा हटवाना चाहिए। जिससे की निर्माण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ हो सके।
MP NEWS24-प्रकाश नगर में विवादित स्थान पर नियम विरूद्ध संचालित शराब दुकान का मामला एक बार फिर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचा हैं। सोमवार को पूर्व पार्षद पति कमल शर्मा ने एसडीएम आशुतोष गोस्वामी को आवेदन प्रस्तुत कर ठेके के तहत 1 अप्रैल से संचालित नई शराब दुकान को अन्यंत्र स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने एसडीएम को वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए चेतावनी भी दी है कि इस बार दुकान यहॉं से नहीं हटी तो उग्र आंदोलन होगा। एसडीएम ने इस संबंध में आबकारी अधिकारियों से चर्चा की है।समीप ही स्थित है धार्मिक स्थल, स्कूल भी होता है संचालित पूर्व पार्षद ने बताया कि यह जमीन पहले से विवादित है। इसके वास्तविक मालिक का पता नहीं है। साथ ही दुकान का कुछ हिस्सा अतिक्रमण में भी है। इसके अलावा क्षेत्र में धार्मिक स्थल भी स्थित है तथा रिहायशी क्षेत्र भी है। संभवतः अप्रैल से नवीन स्कूल सत्र भी प्रारंभ होने वाला है। ऐसे में शराब दुकान की वजह से दोनों स्कूलों के लगभग हजारों छात्र-छात्राऐं प्रभावित होंगे। चूंकि नई शराब नीति के तहत एक ही दुकान से देशी व विदेशी शराब की बिक्री का प्रावधान सरकार ने किया है। ऐसे में इस दुकान से देशी व अंग्रेजी शराब बिकने से और ज्यादा परेशानी होगी। इसलिए 1 अप्रैलसे नए ठेके के तहत संचालित दुकान को अन्यंत्र स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की मांग की गई है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
MP NEWS24-मंगलवार को पंचमी के अवसर पर प्रतिवर्षनुसार इस वर्ष भी बाबा भोलेनाथ के मंदिर पर चूल का आयोजन किया गया। ग्रामीणजन बड़े ही उत्साह से धधकते अंगारे पर चलकर अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। चूल का आयोजन बुरानाबाद के सभी ग्रामीणजन मिलकर करते हैं। गांव बुरानाबाद में दो बड़े आयोजन में यह चूल का आयोजन भी बड़े पैमाने किया जाता है। इस आयोजन में आसपास के ग्रामीण जन भी उपस्थित रहते हैं। चुल का आयोजन लोग अपनी मान-मन्नत पूरी होने पर दहकते अंगारे पर चलकर मन्नत पूरी करते हैं, बाबा की कृपा से सभी श्रद्धालु का सोचा काम पूरा होता है। आयोजन कई वर्षों से होता आ रहा है इस चूल के आयोजन में प्रसादी के रूप में चिरंजी दाने वह भगवान भोलेनाथ की प्रसाद भांग का वितरण किया जाता है। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पंडित विजय पुरुषोत्तम शर्मा, राजाराम जाट सोहनलाल पूर्व सरपंच, रमेश बॉस, दशरथ जाट, घनश्याम जाट, बालमुकुंद जाट, अरुण जाट, सतीश जाट, कृष्ण दास बैरागी, सहित बडी संख्या में व्यवस्थापक व ग्रामीणजन, श्रद्धालु उपस्थित थे।
MP NEWS24-मंगलवार को पुरा शहर रंगपंचमी के उल्लास में डूबा रहा। क्षेत्र में रंगपंचमी का दौर अत्यधिक रहता है, वहीं इस वर्ष व्यापारी संगठनों द्वारा आकर्षक गैर भी निकाली गई जो विगत दो वर्षो से कोरोना काल के चलते नहीं आयोजित की जा रही थी। रंग पंचमी पर शहरवासियों द्वारा एक दुसरे को रंग-गुलाल लगाकर पर्व को आनन्दीत तरीके से मनाया। वहीं गैर में कपडा फाड होली भी खूब चली। सुबह से ही बच्चों में रंगपंचमी का उत्साह देखते ही बन रहा था मंगलवार को रंगपंचमी का उल्लास देखने लायक था। कोरोना के कारण दो साल बाद पर्व मनाने का मौका मिलने पर पूरा शहर सुबह से रंगों में डूबने को लालायित दिखा। कई स्थानों रंग पंचमी मनाने के लिए आयोजन किए गए। कोरोना के प्रतिबंध के कारण पीछले दो साल से होली रंगपंचमी सुखी जा रही थी, लेकिन इस वर्ष खुली छूट होने के कारण शहरवासी पीछले दो साल की कसर पूरी करने पर उतारु दिखे। जगह-जगह रंगपचंमी की मस्ती की तैयारियां सुबह से शुरू हो गई। 10 बजे तक पंचमी का रंग ऐसा चढऩा शुरू हुआ कि 2 बजे तक कई जगह कपड़ा फाड़ तक पहुंच गया। उत्सव के दौरान पुलिस की सख्त व्यवस्था भी दिखाई दी। निकली आकर्षक रंगारंग गैर व्यापारी संगठनों द्वारा किराना व्यापारी संघ के तत्वाधान में इस वर्ष रंगारंग गैर का आयोजन किया गया। गैर कृषि उपज मण्डी से प्रारंभ हुई जो सुभाष मार्ग, गुर्जर मोहल्ला चौराहा, लक्ष्मीमार्ग, महात्मा गांधी मार्ग, जवाहर मार्ग, बस स्टेण्ड, नगर पालिका कार्यालय, रामसहाय मार्ग होते हुए पुनः कृषि उपज मण्डी प्रांगण पहुॅंच कर समाप्त हुई। गैर संयोजक गोपाल सलुजा, रमेश मोहता, जगदीश मेहता, रामसिंह शेखावत, किशोर सेठिया, दिनेश सेठिया एवं किराना व्यापारी संघ अध्यक्ष महेन्द्र राठौड ने सभी नागरिकों का अभिवादन किया। शहर में निकली इस रंगारंग गैर में हिन्दु जागरण मंच के प्रांतीय उपाध्यक्ष भैरूलाल टाक, वरिष्ठ व्यवसायी गोविन्दलाल मोहता, कांग्रेस नेता स्ुबोध स्वामी, राधे जायसवाल, रणजीत गुर्जर, कृष्णकांत जायसवाल, प्रशांत मेहता, भाजपा नेता रामसिंह शेखावत, पूर्व पार्षद जगदीश मिमरोट, भाजपा मण्डल अध्यक्ष सीएम अतुल सहित सहित बडी संख्या में व्यापारीगण, वरिष्ठ नागरिक, युवाजन एवं बच्चों ने रंगपंचमी पर्व का खुब आनन्द लिया। गैर में ट्रेक्टर-ट्राली में विभिन्न स्वांग रच युवा भी सवार दिखाई दिए। वहीं फायर ब्रिगेड, टेंकरों से पानी की बौछार भी की गई। रंग पंचमी उत्सव मनाया गया इसी प्रकार पाडल्या रोड पर सामाजिक नारी संगठन की सीमा सारस्वत, भार्गव कॉलोनी के रहवासियों द्वारा, सांसद प्रतिनिधि प्रकाश जैन, सर्व महिला मण्डल की सुनीता गुर्जर गुड्डी जीजी के निवास स्थल एवं कई कॉलोनी में रंग पंचमी के आयोजन हुए तथा एक दुसरे को रंग-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाऐं दी गई। दशहरा मैदान स्थित हनुमानजी के मंदिर पंचमी के अवसर पर चुल का आयोजन किया गया जिसमें बडी संख्या में श्रृद्धालु धधकते अंगारों पर चलें।
MP NEWS24-केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थो एवं घरेलु गैस में एक बार फिर से वृद्धि की है। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद यह पहली बार है कि जब पेट्रोलियम पदार्थो में वृद्धि की गई है। पेट्रोल पर जहॉं 80 पैसे की वृद्धि की गई है वहीं घरेलु गैस पर 50 रूपये की बडी मुल्यवृद्धि हुई है। ऐसे में फरवरी माह में 960 रूपये में मिलने वाला गैस सिलेण्डर एक हजार के पार हो गया है। घरेलु गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थो में हुई वृद्धि के बाद अन्य सामग्री में भी वृद्धि की आशंक बढ गई है। ऐसे में महंगाई एक बार फिर सूरसा का रूप लेती दिखाई दे रही है।क्या है मामला पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद अब महंगाई बढ़ना शुरू हो गई है। तेल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में भी 50 रुपए का इजाफा किया है। ऐसे में 14.2 किलो का बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 1 हजार रुपए के ऊपर निकल गया है। गत वर्ष की बात की जाऐ तो 1 मार्च 2021 को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 800 से 820 रुपए थी, जो अब 1000 रुपए पर पहुंच गई है। यानी बीते एक साल में घरेलू गैस सिलेंडर कीमत 150-200 रूपये बढ़ी है। वहीं इस पर मिलने वाली सब्सिडी भी खत्म कर दी गई है। बॉक्स पिछले 8 सालों में गैस सिलेंडर की कीमत दोगुनी से ज्यादा हुई पिछले 8 सालों में घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमत दोगुनी होकर 1000 रुपए प्रति सिलेंडर हो गई है। 1 मार्च 2014 को 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 410.5 रुपए थी जो अब एक हजार पहुॅंच गई है।
MP NEWS24-नगर पालिका परिषद द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 अन्तर्गत चलाये जा रहे सफाई अभियान को ध्यान रखते हुए शहर में लगातार सफाई व्यवस्था को नियंत्रण किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सहायक स्वच्छता निरीक्षक कुशल धौलपुरे, मेट सूरज भाटी सहित नपाकर्मी द्वारा बस स्टैंड पर कचरा करने वाले फल फ्रूट ठेला चालको व चाय नाश्ते के ठेला चालको पर 350 रुपये का जुर्माना कार्यवाही की गई। स्वच्छता टीम द्वारा लगातार शहर में भ्रमण कर फुटकर व्यापारियों एवं नागरिकों से स्वच्छता बनाऐ रखने की अपील कर रही है।