MP NEWS24- नागदा शहर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण पुराने हॉस्पीटल को तोडकर उसी स्थान पर नया भवन बनाने हेतू प्रावधान रखा गया है। यह जानकारी विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के विधानसभा प्रश्न के उत्तर में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी ने दी है।
7 करोड 50 लाख की लागत से बनेगा अस्पतालश्री गुर्जर ने विधानसभा में प्रश्न किया था कि 7 करोड 50 लाख की लागत से बनने वाले सिविल हॉस्पीटल नागदा को निर्माण क्यों प्रारंभ नहीं किया जा रहा है? जबकि पुरानी बिल्डिंग को तोडकर बनाने का निर्णय रोगी कल्याण समिति व अस्पताल के किरायेदार दुकानदारों द्वारा आपसी सामंजस्य से लिया गया था तथा शासन द्वारा भी पुरानी बिल्डिंग को तोडकर नया भवन बनाने का निर्णय लिया गया है? शासन अस्पताल के लिए कहां भूमि उपलब्ध करा रहा है? प्रश्न के उत्तर में मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि नागदा शहर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण पुराने हॉस्पीटल को तोडकर उसी स्थान पर नया भवन बनाने हेतू प्रावधान रखा गया है, पुराने भवन को तोडने हेतू क्षैत्रांतर्गत उज्जैन लोक निर्माण विभाग कार्यपालन यंत्री से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा दिनांक 01/02/2021 एवं पुनः 26/07/2021 को बुक वेल्यू के लिए पत्राचार किया गया है।
श्री गुर्जर के नागदा में सीटी स्कैन मशीन लगाने की मांग करने के संबंध में माननीय मंत्री द्वारा जानकारी दी गई कि वर्तमान में शासन द्वारा प्रदेश के केवल चिन्हित जिला चिकित्सालयों में सी.टी. स्कैन सेवा प्रदया किए जाने हेतू कार्यवाही की जा रही है। उज्जैन जिला चिकित्सालयों में सी.टी. स्कैन सेवा स्थापित करने की कार्यवाही प्रचलन में है।
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